Uttar Pradesh

दिल्ली बम विस्फोट के साथ आजमगढ़ का जोड़ा जाने पर आतंक की कहानी 17 साल बाद दोहराई गई।

दिल्ली में हुए विस्फोट के तार आजमगढ़ से जुड़ते हैं

दिल्ली में 10 नवंबर की शाम हुआ भीषण बम धमाका पूरे देश को हिला गया. यह विस्फोट लाल किले से करीब 150-200 मीटर की दूरी पर खड़ी i20 कार में हुआ था. शाम लगभग 6:30 बजे, जब आस-पास के बाजारों में भारी भीड़ थी, तभी धमाका हुआ. इस धमाके में करीब 9 लोगों की मौत हो गई, कई लोग घायल हो गए. घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घायलों को एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

फिलहाल, एनआईए, एनएसजी और अन्य जांच एजेंसियां दिल्ली में हुए विस्फोट की जांच तेज कर दी है, और शुरुआती जांच में ब्लास्ट के तार उत्तर प्रदेश के दो जिलों आज़मगढ़ और सहारनपुर से जुड़ते नजर आ रहे हैं। वहीं, इस घटना ने साल 2008 के दिल्ली धमाकों की यादें एक बार फिर से ताजा कर दी हैं।

2008 में दिल्ली धमाकों की जांच में आजमगढ़ का कनेक्शन सामने आया था। 13 सितंबर 2008 को राजधानी दिल्ली में सिलसिलेवार बम धमाकों ने देश को दहला दिया था। करोल बाग, कनॉट प्लेस, ग्रेटर कैलाश और इंडिया गेट जैसे व्यस्त इलाकों में हुए धमाकों में 30 लोगों की मौत हुई थी और 130 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इस हमले की जिम्मेदारी इंडियन मुजाहिदीन ने ली थी। जांच के दौरान कई संदिग्धों के नाम सामने आए, जिनमें से कुछ उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ से जुड़े थे।

बटला हाउस एनकाउंटर ने पूरे देश को हिला दिया था। दिल्ली पुलिस ने इन धमाकों की जांच के दौरान कई मुकदमे दर्ज किए। एक मोबाइल नंबर की लोकेशन ने पुलिस को जामिया नगर के बटला हाउस स्थित मकान नंबर L–18 तक पहुंचाया। 19 सितंबर 2008 को इंस्पेक्टर मोहन चंद्र शर्मा के नेतृत्व में टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। जैसे ही पुलिस ने दबिश दी, फ्लैट में छिपे आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। इस मुठभेड़ में इंस्पेक्टर मोहन चंद्र शर्मा गंभीर रूप से घायल हुए और इलाज के दौरान शहीद हो गए। जवाबी कार्रवाई में आतिफ अमीन और मोहम्मद शाजिद मारे गए, जबकि आरिफ खान और शहजाद अहमद भाग निकले।

आजमगढ़ का नाम आया चर्चा में जब जांच में पता चला कि फरार आतंकी मोहम्मद आरिज नेपाल भाग गया था, जहां उसने नया नाम ‘मोहम्मद सलीम’ रख लिया और नागरिकता प्राप्त कर ली। वहीं, शहजाद अहमद को यूपी एटीएस ने आजमगढ़ से गिरफ्तार किया। 2018 में दिल्ली पुलिस ने नेपाल में सर्च ऑपरेशन चलाकर आरिज खान को भी पकड़ लिया। इन्हीं घटनाओं के बाद मीडिया में आजमगढ़ को ‘आतंकगढ़’ कहकर संबोधित किया जाने लगा।

एनकाउंटर, विवाद और अदालत का फैसला 2008 के इस आतंकी हमले के दोनों मुख्य आरोपी अब पुलिस के कब्जे में हैं। अदालत ने सुनवाई के बाद शहजाद अहमद को उम्रकैद की सजा सुनाई, जिनका 28 जनवरी 2023 को एम्स में इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं, 2021 में दिल्ली की एक अदालत ने आरिज खान को इंस्पेक्टर मोहन चंद्र शर्मा की हत्या का दोषी ठहराते हुए मौत की सजा दी। हालांकि, उस वक्त बटला हाउस एनकाउंटर को लेकर कई राजनीतिक विवाद भी उठे थे, लेकिन जांच के बाद इसे क्लीन चिट दे दी गई।

You Missed

Ceremonial Timber Cutting For Lord Jagannath’s Ratha Yatra Begins In Odisha
Top StoriesMar 27, 2026

ओडिशा में भगवान जगन्नाथ के रथ यात्रा के लिए शिल्पकारी लकड़ी काटने की पิธिक प्रक्रिया शुरू हो गई है।

भुवनेश्वर: भगवान जगन्नाथ के वार्षिक रथ यात्रा के लिए पवित्र रथों के निर्माण के लिए लकड़ी काटने के…

Scroll to Top