Uttar Pradesh

स्कूल बंद: दो दिनों की छुट्टी, खत्म नहीं हो रही बच्चों की मस्ती, बैग पैक करने से मिली फुर्सत – उत्तर प्रदेश समाचार

उत्तर प्रदेश में गंगा मेला की धूम देखने को मिल रही है. कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर कई जिलों में गंगा मेला की रौनक सजती है. इस मौके पर उत्तर प्रदेश के दो जिलों में स्कूल बंद रखने का आदेश आ गया है.

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आस्था के महापर्व कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेला के चलते स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है. मुख्य रूप से, बुलंदशहर और हापुड़ जिले के गंगा तट के समीप क्षेत्रों के स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा, ट्रैफिक मैनेजमेंट और भारी भीड़ को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है. हर साल लाखों श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए इन घाटों पर इकट्ठा होते हैं. लोकल प्रशासन सुरक्षा और सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम करता है. स्कूल बंद होने से बच्चे असुविधा से बचेंगे.

जिला प्रशासन ने स्कूलों में छुट्टी के लिए आदेश जारी किया है. इसके अनुसार, बुलंदशहर और हापुड़ में अवकाश की अवधि अलग-अलग है. बुलंदशहर के अनूपशहर क्षेत्र के स्कूलों में यह छुट्टी लंबी है, जबकि हापुड़ के स्कूलों में कम अवधि के लिए अवकाश रहेगा. यह निर्णय संबंधित क्षेत्रों में मेले के प्रभाव और भीड़ की अपेक्षित सीमा पर आधारित है. सभी बोर्ड के कक्षा 1 से 12 तक के स्कूल बंद रहेंगे. इससे छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी और ट्रैफिक व्यवस्था भी ठीक रहेगी.

बुलंदशहर में स्कूल बंद

अनूपशहर में 4 दिन स्कूल बंद

अनूपशहर क्षेत्र में लगने वाले ‘लक्खी कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेला’ के कारण स्कूलों में 4 दिन का अवकाश घोषित किया गया है. यह छुट्टी 3 नवंबर से 6 नवंबर 2025 तक रहेगी. अनूपशहर में गंगा मेले का आयोजन बड़े पैमाने पर होता है. इसे ‘लक्खी मेला’ भी कहा जाता है. इसमें लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है. इसके चलते पूरे क्षेत्र में भारी भीड़भाड़ और यातायात व्यवस्था प्रभावित रहती है. यह आदेश बेसिक शिक्षा अधिकारी, बुलंदशहर ने जारी किया है और अनूपशहर कस्बे के सभी सरकारी और निजी स्कूलों पर लागू होगा.

हापुड़ में स्कूल बंद

हापुड़ जिले के प्रशासन ने भी गंगा मेला के मद्देनजर स्कूलों में अवकाश घोषित किया है, जिसका मुख्य केंद्र गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र है. हापुड़ में सभी बोर्ड के कक्षा 1 से 12 तक के स्कूलों को 3 नवंबर और 4 नवंबर 2025 के लिए बंद रखने का निर्णय लिया गया है. बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) रीतु तोमर ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश पर यह निर्णय लिया गया है. यह फैसला मुख्य रूप से बच्चों की सुरक्षा और मेले के दौरान सड़कों पर होने वाली भारी भीड़ को देखते हुए लिया गया है. अगले 3 दिनों तक मेले में भारी भीड़ रहने का अनुमान है.

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