Uttar Pradesh

गोरखपुर समाचार : पहचान नहीं पाओगे गोरखपुर! नगर निगम ने बनाई शानदार योजना, सड़कें चार चांद लगा देंगी, यह रहा प्लान

गोरखपुर में चार चांद लगाने की तैयारी कर ली गई है. अब बस मुहर लगनी बाकी है. शहर की सड़कों को स्मार्ट और आकर्षक बनाने की दिशा में नगर निगम ने एक बड़ा कदम उठाया है. सरकार से करीब 70 करोड़ रुपये मांगे गए हैं. इन पैसों से क्या-क्या काम होंगे, आइये जानते हैं:

गोरखपुर, जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कर्मस्थली है, शहर की सड़कों को स्मार्ट और आकर्षक बनाने की दिशा में नगर निगम ने एक बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम (सीएम ग्रीड) फेज-3 के तहत नगर निगम ने तीन प्रमुख सड़कों के प्रस्ताव शासन को भेज दिए हैं. करीब 70.30 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली ये सड़कें न सिर्फ चौड़ी और सुगम होंगी, बल्कि शहर की सुंदरता में भी चार चांद लगाएंगी. उम्मीद है कि इन प्रस्तावों को अगले सप्ताह मंजूरी मिलते ही काम की शुरुआत हो जाएगी.

सीएम ग्रीड योजना की शुरुआत चार सड़कों से हुई थी, लेकिन फिलहाल TDM तिराहा से ट्रांसपोर्ट नगर चौराहा और NH-28 तक की सड़क को इस चरण में शामिल नहीं किया गया है. नगर निगम अब इस मार्ग का प्रस्ताव अलग से भेजेगा. अन्य तीन सड़कों के लिए बजट प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है।

मुख्य अभियंता अमित कुमार शर्मा ने बताया कि इस परियोजना से शहर की आधारभूत संरचना मजबूत होगी और यातायात का दबाव कम होगा. सड़कों पर LED लाइट, फुटपाथ, ड्रेनेज सिस्टम और हरियाली, जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी. इन स्मार्ट सड़कों से स्थानीय निवासियों और पैदल चलने वालों को काफी राहत मिलेगी।

ऐसे होंगी स्मार्ट सड़कें:

1. गणेश चौराहा से हरिओमनगर तिराहा तक, 1300 मीटर लंबी और 18 से 25 मीटर चौड़ी सड़क बनेगी, जिस पर 28.60 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
2. स्पोर्ट्स कॉलेज रोड से कैलाश शुक्ला के मकान तक, 1100 मीटर लंबी सड़क, जिसकी लागत 24.20 करोड़ रुपये होगी।
3. गोलघर कचहरी चौक से बेतियाहाता चौराहा तक, 775 मीटर लंबी सड़क पर 17.50 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

ये काम भी होगा:

स्मार्ट रोड प्रोजेक्ट के तहत सड़कों के किनारे हरियाली, ऊर्जा बचाने वाली लाइटें और साफ-सुथरे फुटपाथ तैयार किए जाएंगे. ड्रेनेज सिस्टम को भी नए सिरे से विकसित किया जाएगा, ताकि बारिश में जलभराव की समस्या न हो। यह परियोजना न केवल शहर की सड़कों को आधुनिक बनाएगी, बल्कि गोरखपुर को एक “ग्रीन और क्लीन सिटी” के रूप में भी नई पहचान देगी। मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य अगले महीने से शुरू होने की संभावना है।

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