Uttar Pradesh

कानपुर समाचार : छठ पूजा में जुटा कानपुर…पनकी, अरमापुर और सीटीआई घाटों पर कैसी है तैयारी, जानें

कानपुर में छठ पूजा की तैयारियां जोर पकड़ चुकी हैं। कानपुर महानगर में छठ पर्व भी बड़ी धूमधाम के साथ बनाया जाता है। यहां पर कई ऐसे घाट हैं जहां पर भारी संख्या में लोगों की भीड़ इकट्ठा होती है। कई अस्थाई घाट भी तैयार किए जाते हैं जहां पर लोग इस महापर्व को मानते हैं।

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने शहर के प्रमुख घाटों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने पनकी नहर, अरमापुर नहर और सीटीआई नहर घाट का दौरा करते हुए साफ-सफाई, सुरक्षा, रोशनी और पार्किंग की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने बताया कि छठ पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, इसलिए सभी विभागों को मिलकर पूरी तैयारी करनी होगी ताकि पूजा में किसी को कोई असुविधा न हो।

घाटों पर प्लेटफॉर्म और कैमरे

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि हर घाट पर पर्याप्त संख्या में सफाईकर्मी तैनात किए जाएं और पूजा से पहले विशेष सफाई अभियान चलाया जाए। उन्होंने नगर निगम अधिकारियों से कहा कि सभी घाटों पर अतिरिक्त प्रकाश व्यवस्था कराई जाए और बिजली का बैकअप तैयार रहे ताकि अंधेरे में किसी तरह की परेशानी न हो। पनकी नहर घाट पर इस बार सबसे ज्यादा भीड़ की उम्मीद की जा रही है। यहां पर प्रशासन ने करीब 30 हजार श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना जताई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाट पर अस्थायी मंच और बांस-बल्लियों से बैरिकेडिंग की जा रही है ताकि भीड़ नियंत्रण में रहे। अरमापुर और सीटीआई नहर घाटों पर भी रोशनी, बैरिकेडिंग और बैठने की व्यवस्था का काम चल रहा है।

सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। सभी प्रमुख घाटों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। पब्लिक एड्रेस सिस्टम (लाउडस्पीकर) भी लगाए जा रहे हैं, जिनसे भीड़ को दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। जिलाधिकारी ने बताया कि सभी घाटों पर एक इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर बनाया जाएगा, जिसमें पुलिस, नगर निगम, केस्क, सिंचाई और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहेंगे। किसी भी आपात स्थिति में वहीं से तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

मेडिकल कैंप और एंबुलेंस

स्वास्थ्य विभाग को जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी छठ पूजा स्थलों पर मेडिकल कैंप लगाए जाएं और अतिरिक्त एंबुलेंस तैनात की जाए। नजदीकी अस्पतालों को भी एक्टिव मोड पर रखा जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल इलाज मिल सके। केस्को अधिकारियों को यह निर्देश दिया गया है कि सभी पूजा स्थलों पर बिजली की लाइनें दुरुस्त की जाएं। लटकते तारों को ऊंचा किया जाए ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा बनी रहे। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां छठ पूजा होती है, वहां भी सफाई और रोशनी की पूरी व्यवस्था की जाए।

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