Uttar Pradesh

एक पैसा नहीं लगेगा, तैयार हो जाएगी तगड़ी खाद, 60 दिन तक कुछ सेकेंड करना है बस एक काम – उत्तर प्रदेश समाचार

आलू या प्याज के छिलके, खराब टमाटर, गोभी के डंठल, मूली के पत्ते या दूसरी सब्जियों के कचरों को हम कूड़ा समझकर फेंक देते हैं, लेकिन सही तरीका जान लें तो इनसे जैविक खाद बनाकर हजारों रुपये कमा सकते हैं।

हमारी घर की रसोई में कई जैविक कूड़े निकलते हैं, जैसे आलू के छिलके, प्याज के छिलके, खराब टमाटर, गोभी के डंठल, मूली के पत्ते या दूसरी सब्जियों के कचरे। इन्हें हम कूड़ा समझकर फेंक देते हैं, लेकिन अगर आप तरीका जान लें तो इनसे जैविक खाद बनाकर महीने में हजारों रुपये की कमाई कर सकते हैं। अगर नहीं, तो आप अपने खेत और गार्डन में इसे जैविक खाद की तरह इस्तेमाल तो कर ही सकते हैं। यह खाद पौधों को कम समय में तेजी से बड़ा करती है।

आइए रसोई के कूड़े से जैविक खाद बनाने का सबसे आसान तरीका जानते हैं। इसके लिए सबसे पहले आपको सब्जी और फलों के छिलकों को एक जगह पर इकट्ठा करना होगा। फिर इन छिलकों को धूप में अच्छे से सुखा लें। फिर सारे सूखे छिलके को एक बाल्टी में डालें और उसमें गोबर और पानी का घोल भर दें। इसके बाद इस घोल को किसी ठंडे जगह पर रख दें और कुछ दिनों तक सुखाते रहें।

इतने दिनों में तैयार सब्जी और फलों के छिलकों को एक ड्रम में 60 दिनों तक गोबर के घोल के साथ डालते रहें। जब वो सूख जाए तो खाद इस्तेमाल करने के लिए तैयार हो जाती है। इसे आप थोड़ा-थोड़ा करके अपने किचन गार्डन में हर हफ्ते डाल सकते हैं। इसका रिजल्ट आपको महीने भर में देखने को मिल जाएगा। इस खाद के इस्तेमाल से आपका पौधा हरा-भरा हो जाएगा और उत्पादन भी बेहतर होगा।

सुल्तानपुर के नंद गांव में इस तरह की खाद बनाई जाती है, जहां जाकर इसे सीख भी सकते हैं। यह तरीका आसान है और इसमें एक पैसा भी नहीं लगेगा। बस आपको कुछ सेकेंड का समय देना होगा और आप तगड़ी खाद तैयार कर सकते हैं।

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