Uttar Pradesh

यूपीसीआर के एक्सपर्ट ने बताईं गन्ने की ये टॉप-5 किस्में… ज्यादा चीनी, आसान छिलाई! बस फायदा ही फायदा

गन्ना किसानों के लिए खुशखबरी! उत्तर प्रदेश गन्ना शोध संस्थान के कृषि विशेषज्ञों ने इस सीजन की टॉप-5 गन्ना किस्मों की सिफारिश की है, जो न सिर्फ ज्यादा चीनी देती हैं बल्कि इनकी छिलाई भी बेहद आसान है. इन किस्मों की खासियत है कम लागत में अधिक पैदावार और बेहतर रीकवरी रेट. यानि किसानों के लिए फायदे का सौदा है इन किस्मों का चयन करना.

उत्तर प्रदेश में अक्टूबर का महीना शुरू हो चुका है और किसान अब शरदकालीन गन्ने की बुवाई में जुट गए हैं. इस समय सही किस्म का चयन किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, ताकि अच्छा उत्पादन मिल सके. किसान गन्ने की बुवाई करते समय अच्छी और शीघ्र पकने वाली किस्मों का चयन करें. ऐसी किस्में कम समय में ही बेहतर उपज देती हैं, जिससे किसानों को अच्छी आय मिलेगी. समय पर सही किस्म की बुवाई और उचित प्रबंधन ही गन्ने की खेती किसानों के लिए अधिक लाभदायक होगा. किसान गन्ने की बुवाई करने से पहले खेत की अच्छी तरह से तैयारी कर उन्नत किस्म का चयन करें, बहुत से ऐसी किस्म है जो कम दिनों में किसानों को बंपर उत्पादन देती हैं।

उत्तर प्रदेश गन्ना शोध संस्थान के प्रसार अधिकारी डॉ. संजीव कुमार पाठक ने बताया कि गन्ने की शीघ्र पकने वाली किस्मों में से एक खास किस्म है को.शा. 08272 . इस किस्म की बुवाई ठंड के मौसम में की जा सकती है. इसका गन्ना सीधा, लंबा, मोटा, कड़ा और ठोस होता है. गन्ने की पोरियां गोलाकार, लंबी होती हैं. यह किस्म गुड़ बनाने के लिए भी उत्तम किस्म है. इस गन्ने में फाइबर की मात्रा लगभग 13.27 पाई जाती है. यह किस्म पेडी की फसल भी अच्छी देती है. खास बात यह है कि यह छिलाई में बेहद आसान है. गन्ने की इस किस्म से 105 से 107 टन प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन मिलता है. चीनी मिलों को भी यह किस्म पसंद आती है और इसकी चीनी परता अच्छी होती है.

चीनी मिलों की होगी बल्ले बल्लेबेहतर चीनी परता देने वाली गन्ने की किस्म को.शा. 13231 जिसे 2018 में ही स्वीकृत किया गया है. इस गन्ने की पोरियां गोलाकार और मध्यम लंबी होती हैं. यह गुड़ बनाने के लिए अच्छी किस्म है. इसके अलावा इसमें 13.76 प्रतिशत फाइबर पाया जाता है. यह 91 से 92 टन प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन देती है. इसकी छिलाई करना अन्य किस्म के मुकाबले आसान होता है. इसकी सूखी पत्तियां आसानी से छूट जाती हैं. यह किस्म तेजी से बढ़वार करती है.

गन्ने की नई किस्म को.शा. 13235 वर्ष 2019 में ही स्वीकृत हुई थी. यह किस्म अच्छा चीनी परता देती है. यह गन्ना तेजी के साथ बढ़वार करता है. इसकी बंधाई करना बेहद जरूरी है. इस गन्ने की छिलाई करना आसान है. इसकी सूखी पत्तियां आसानी से उतर जाती हैं. गन्ने की यह किस्म 81 से 92 टन प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन देती है.

नहीं पड़ेगा लाल सड़न रोग का प्रकोपको.शा. 17231 जिसे वर्ष 2022 में स्वीकृत किया गया है. यह शीघ्र पकने वाली किस्म है और यह अधिक चीनी परता भी देती है. जिसकी वजह से चीनी मिल इसको खरीदना बेहद पसंद करते हैं. इसका गन्ना सीधा, मध्यम मोटा और मध्यम कड़ा होता है. इस गन्ने की छिलाई करना आसान है. इसकी सूखी पत्तियां आसानी से उतर जाती हैं. गन्ने की यह किस्म एक हेक्टेयर में 83 टन तक उत्पादन देती है. यह किस्म लाल सड़न रोग के प्रति मध्य रोगरोधी है.

यूपी के किसानों के लिए बेस्टगन्ने की किस्म को.शा. 18231, जिसे इसी वर्ष उत्तर प्रदेश में सामान्य खेती के लिए स्वीकृत किया गया है. इस गन्ने की छिलाई करना आसान है. वैज्ञानिकों का दावा है कि इस नई किस्म से किसानों को 90 टन प्रति हेक्टेयर से ज्यादा उत्पादन मिलेगा. इसमें चीनी परता भी अधिक होगा. यह किस्म लाल सड़न रोग के प्रति मध्य रोगरोधी है.

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