Uttar Pradesh

उत्तर प्रदेश समाचार: नहीं खाई होगी ऐसी जलेबी….एक पीस का वजन 250 ग्राम, एक महीने तक नहीं होती खराब, विदेशों तक है डिमांड

मेरठ में ताऊ बलजीत की देसी घी जलेबी देशभर में लोकप्रिय है

मेरठ: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ मोदीपुरम स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय में एक अनोखा नजारा देखने को मिल रहा है. यहां हरियाणा गौहाना के रहने वाले बलजीत की ढाई सौ ग्राम की जलेबी लोगों को काफी पसंद आ रही है. यह जलेबी देशभर में लोकप्रिय है और विदेश तक जाती है.

ताऊ बलजीत ने बताया कि वर्ष 1960 में उन्होंने जलेबी बनाने का काम शुरू किया था. क्योंकि पहले के लोगों को मीठा खाना काफी पसंद था. ऐसे में उन्होंने 250 ग्राम की यह जलेबी बनानी शुरू की. उन्होंने बताया कि यह लोगों को काफी पसंद आई. तब से लेकर अब तक वह इसी तरह से जलेबी बनाते हुए आ रहे हैं. उनके साथ 25 से अधिक लोग भी अब इस कारोबार से जुड़े हुए हैं. जिसके माध्यम से वह सालाना लाखों रुपए की कमाई करते हैं.

ताऊ बलजीत बताते हैं उनके यहां शुद्ध देसी घी से निर्मित जलेबी मिलती है, जो कि ढाई सौ ग्राम का एक पीस है. ऐसे में वह 80 रुपए का एक पीस लोगों को उपलब्ध कराते हैं. इसके प्रति लोगों में काफी क्रेज रहता है. उन्होंने बताया कि एक जलेबी खाने के बाद ही लोगों का पेट भर जाता है. ऐसे में देशभर से लोग उनके यहां जलेबी खाने के प्रति काफी उत्साहित दिखाई देते हैं. उन्हें विशेष तौर पर जहां भी कृषि मेले का आयोजन किया जाता है वहां के आयोजक द्वारा भी स्टॉल लगाने के लिए आमंत्रित किया जाता है. उन्होंने बताया कि तीन दिन के मेले में 10 कुंतल से अधिक जलेबी बेचने का उनका हमेशा से रिकॉर्ड रहता है. शादी दिवाली के अवसर पर लोग विदेश तक में उनकी जलेबी को ले जाते हैं. ताऊ का दावा है कि यह जलेबी 1 महीने तक खराब नहीं हो सकती है. ताऊ बलजीत की हरियाणा में भी जलेबी काफी पसंद है. चुनावी रंग हो या फिर कोई भी कार्यक्रम उनकी ही जलेबी के लोग आनंद लेते हुए दिखाई देते हैं.

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