Uttar Pradesh

भारतीय संघ बैंक का 120 करोड़ रुपये का साइबर धोखाधड़ी मामला सामने आया, पूरी जानकारी जानें : यूपी न्यूज

लखनऊ। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में एकेटीयू (AKTU) के खाते से 120 करोड़ रुपये की हैरान करने वाली साइबर ठगी का खुलासा हुआ है। इस बड़े घोटाले में साइबर क्राइम पुलिस ने अहमदाबाद से मुख्य आरोपी विजय द्वारकादास पटेल को गिरफ्तार कर लिया है। विजय हवाला कारोबार से जुड़ा हुआ है और उसने इस धोखाधड़ी के जरिए करोड़ों रुपये विभिन्न फर्मों और जाली खातों में ट्रांसफर कराए थे। पुलिस की जांच में अब तक 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

जांच में सामने आया है कि इस साइबर फ्रॉड की पूरी साजिश वर्ष 2024 में अहमदाबाद में रची गई थी। आरोपी विजय पटेल ने अपने साथियों के साथ मिलकर कई फर्जी कंपनियां और बैंक खाते तैयार किए थे, जिनके जरिए यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में जमा AKTU के खाते से करोड़ों रुपये की रकम धीरे-धीरे निकाल ली गई। तकनीकी रूप से माहिर इस गिरोह ने बैंकिंग सिस्टम की कमजोरियों का फायदा उठाकर रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किया।

हवाला चैनल से हुआ पैसों का हेरफेर, 11 जालसाज किए गिरफ्तार

साइबर क्राइम पुलिस के मुताबिक विजय पटेल अहमदाबाद में हवाला का काम करता है। उसने ठगी से मिली रकम को पहले कई फर्मों और जाली खातों में ट्रांसफर कराया, फिर उसे हवाला चैनलों के जरिए सफेद किया। बताया जा रहा है कि विजय ने इस अवैध लेन-देन में अपना मोटा कमीशन भी लिया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार विजय ने रकम के लेन-देन के लिए आरटीजीएस ट्रांजैक्शन का सहारा लिया, जिससे रकम के स्रोत और गंतव्य का पता लगाना मुश्किल हो गया।

लखनऊ साइबर क्राइम पुलिस की विशेष टीम ने इस मामले की गहन जांच के बाद अब तक 11 जालसाजों को गिरफ्तार किया है। इनमें बैंकिंग, फर्जी फर्म संचालन और तकनीकी हैकिंग से जुड़े कई आरोपी शामिल हैं। पुलिस को शक है कि इस गिरोह का नेटवर्क देश के कई राज्यों में फैला हुआ है और इसमें हवाला कारोबारी, चार्टर्ड अकाउंटेंट और तकनीकी विशेषज्ञ भी शामिल हो सकते हैं।

बैंक और विश्वविद्यालय प्रशासन में हड़कंप

इस खुलासे के बाद यूनियन बैंक और एकेटी यू प्रशासन में हड़कंप मच गया है। बैंक के उच्च अधिकारियों ने कहा है कि सुरक्षा प्रणाली की समीक्षा कराई जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी पुलिस को जांच में पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह के तार न केवल देश के अलग-अलग हिस्सों बल्कि विदेशों तक फैले हो सकते हैं। साइबर क्राइम टीम तकनीकी विश्लेषण और बैंकिंग डेटा की जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके। अनुमान है कि आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

जांच एजेंसियों ने विजय पटेल से कई महत्वपूर्ण सुराग मिलने का दावा किया है। पुलिस की कोशिश है कि इस पूरे फंड ट्रांसफर की कड़ी दर कड़ी जांच कर फ्रॉड की पूरी रकम का पता लगाया जाए और बाकी बचे आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जा सके।

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