Uttar Pradesh

सफलता की कहानी : कभी भटक रहे थे दर-दर, आज घर बैठे छाप रहे नोट, साबुन-शैंपू ने बदली अमेठी के अमर की किस्मत

अमेठी : एक ऐसी कहानी जो आपको जरूर पसंद आएगी. यह कहानी है एक ऐसे बेरोजगार शख्स की, जो कभी नौकरी के लिए खुद दर-दर भटक रहा था. आज खुद दूसरों को रोजगार दे रहा है. घर बैठे पैसे पीट रहा है. सालभर में लाखों की कमाई होती है. यह कहानी अमेठी जिले के जगदीशपुर के रहने वाले अमर भारती की है, जिन्होंने अपने जीवन में एक आइडिया के साथ किस्मत बदल दी है.

अमर भारती ने अपने घर में यूज होने वाले डिटर्जेंट पाउडर, ब्यूटी प्रोडक्ट, साबुन, शैंपू, हैंड वॉश, टॉयलेट क्लीनर और फिनाइल समेत कई उपयोगी सामान तैयार करते हैं. इन सामानों की बिक्री से उन्हें सालभर में लाखों रुपए की कमाई होती है. इस काम से वे दूसरों को भी रोजगार दे रहे हैं.

अमर भारती ने बताया कि पहले उनके जीवन में बेरोजगारी का दौर था. काम की समस्या थी. रोजगार न होने से परेशानी थी. दैनिक जरूरतें भी पूरी नहीं हो पाती थीं. फिर उन्होंने खादी ग्रामोद्योग से जुड़कर अपने खुद का रोजगार शुरू किया. उन्हें पहले तो इतना फायदा नहीं हुआ, लेकिन धीरे-धीरे उनके प्रोडक्ट की पहचान जब बढ़ गई तो उन्हें फायदा होने लगा. अमर हर प्रोडक्ट को तैयार कर अपने कारखाने में ही उसकी पैकिंग करते हैं, फिर उसे बाजारों तक या फिर जहां जरूरत होती है, लोगों की डिमांड के अनुसार, उसे पहुंचते हैं. आज उन्हें इससे लाखों में फायदा हो रहा है.

सरकार भी उनकी मदद कर रही है. एक दिन में एक डेढ़ हजार रुपए का फायदा हो जाता है. सीजन में ये कमाई दो से ढाई हजार रुपए भी हो जाती है. इस तरह साल में उन्हें लाखों रुपए का फायदा हो रहा है. इस काम से दूसरे लोगों को भी रोजगार मिला है और सबको फायदा हो रहा है. सरकार की तरफ से भी मदद मिलती रहती है. इससे भी राह आसान हुई है.

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