बेयरवा के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था, जिसके पीछे इंस्टाकार्ट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड ने शिकायत दी थी। जांच के बाद पता चला कि बेयरवा एक अंतरराज्यीय गिरोह का हिस्सा था, जो फ़िशिंग लिंक का उपयोग करके फ़ोन हैक करता था और कॉल और एसएमएस फ़ॉरवर्डिंग, यूपीआई पिन ग्रैबिंग और जीमेल एक्सेस जैसे फीचर्स को सक्षम करता था, जैसा कि विमोचन में कहा गया है।
जानकारी के आधार पर पुलिस ने दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, नवी मुंबई और भिवंडी से छह लोगों को गिरफ्तार किया, और बाद में 6 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ में मुख्य आरोपी हर्डी उर्फ प्रिंस कामलेश सज्नानी को पकड़ लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से 107 उच्च-स्तरीय मोबाइल फ़ोन भी जब्त किए। आगे की जांच चल रही है, जैसा कि विमोचन में कहा गया है।

