Uttar Pradesh

गाजीपुर में कचरे से कमाई की शुरुआत, 26 टन गीले कचरे से बनेगी ऑर्गेनिक खाद, शहर होगा स्वच्छ, किसान होंगे खुशहाल।

गाजीपुर नगर पालिका शहर के रोज़ाना निकलने वाले 30 टन कचरे को वर्मी कम्पोस्ट खाद में बदलने की तैयारी में है. अधिशासी अधिकारी ने बताया कि बारिश खत्म होते ही 15–20 दिन में काम शुरू कर दिया जाएगा. व्यापारी सहयोग के साथ ही नगर पालिका ने शहर की सफाई और कचरा प्रबंधन को नया आयाम देने की शुरुआत की है. अब हर दिन निकलने वाले करीब 26 टन गीले कचरे से वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाई जाएगी. इसके लिए 14 कम्पोस्टर (1000 लीटर क्षमता वाले) खरीदे जा चुके हैं, जिन्हें लगाने के लिए सार्वजनिक स्थानों का सर्वे चल रहा है. इसके अलावा आरटीआई चौराहा स्थित गो-आश्रय स्थल पर 20 टन का एक बड़ा कम्पोस्टर प्लांट भी तैयार किया गया है. नगर पालिका गीले कचरे को वर्मी कम्पोस्ट में बदलकर किसानों और बागवानी में उपयोग के लिए उपलब्ध कराएगी. इससे एक ओर शहर साफ-सुथरा रहेगा, वहीं दूसरी ओर किसानों को सस्ती और ऑर्गेनिक खाद मिलेगी. नगरपालिका पर कचरा प्रबंधन का बोझ भी कम होगा।

अधिशासी अधिकारी डी.के. राय ने बताया कि बारिश खत्म होने के बाद 15–20 दिनों में प्रोजेक्ट की शुरुआत हो जाएगी. कम्पोस्ट बनने में लगभग 45–60 दिन का समय लगेगा. जलकल परिसर में भी कम्युनिटी कम्पोस्टर रखा गया है. इस समय शहर के अलग-अलग पब्लिक स्पॉट्स पर कम्पोस्टर लगाने की तैयारी चल रही है. घर-घर कचरा इकट्ठा करने वाले कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है कि वे गीला और सूखा कचरा अलग-अलग इकट्ठा करें. अभी तक 200 से अधिक व्यापारी नगर पालिका को कचरा देने लगे हैं।

कम्पोस्ट बनने में लगेगा 60 दिन
अधिशासी अधिकारी ने कहा कि बारिश खत्म होते ही 15 से 20 दिन में इस काम की शुरुआत कर दी जाएगी. उन्होंने बताया कि नगर पालिका की गाड़ियां रात में चलती हैं, लेकिन कई व्यापारी देर रात तक दुकानें खोलते हैं और कचरा समय पर गाड़ियों में नहीं डालते. इसी कारण सुबह सड़कों पर कचरा जमा दिखाई देता है. कचरे को कम्पोस्ट टैंक में डालकर प्राकृतिक प्रक्रिया से वर्मी कम्पोस्ट तैयार होगा. बेहतर प्रबंधन के लिए घरों में दो डस्टबिन (गीला और सूखा कचरा अलग करने के लिए) रखने की अपील की गई है. अधिशासी अधिकारी डी.के. राय का कहना है, कम्पोस्टर के प्रयोग से जहां नगर स्वच्छ बनेगा, वहीं दूसरी ओर बागवानी और खेती भी सुंदर बनेगी. यह शासन की अच्छी पहल है.

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