Uttar Pradesh

फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर घूस लेने वाला सिपाही दोषी, 14 साल बाद पांच साल की कैद।

लखनऊ। न्याय व्यवस्था में विश्वास को ठेस पहुंचाने वाले भ्रष्टाचार के मामले में एंटी करप्शन कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। मानक नगर थाने के तत्कालीन सिपाही प्रभाकर राय को एक वादी से घूस लेने और धमकी देने के मामले में दोषी ठहराते हुए पांच साल की कैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है।

मामला उदय नारायण नामक व्यक्ति से जुड़ा है। उन्होंने 1 अगस्त 2011 को नीना जायसवाल से एक मकान खरीदा था। समझौते के अनुसार नीना को मकान खाली करने के लिए एक महीने का समय दिया गया था। लेकिन तय समय बीत जाने के बाद भी नीना ने मकान खाली नहीं किया। इसके उलट नीना ने वादी के खिलाफ थाने में अर्जी लगा दी।

बैनामे के दो गवाहों को भेजा था जेल, वादी को दी धमकी

इस अर्जी पर तत्कालीन एसओ बृजेश राय ने वादी को डराना-धमकाना शुरू किया। इतना ही नहीं, बैनामे के दो गवाहों को जेल भेज दिया गया और वादी उदय नारायण को भी जेल भेजने की धमकी दी गई। आरोप है कि एसओ बृजेश राय ने वादी से पूरे पांच लाख रुपये की मांग की।

पुलिस के दबाव और भय का फायदा उठाते हुए एसओ के कहने पर सिपाही प्रभाकर राय बार-बार वादी के घर गया और धमकियां दीं। डर और विवशता के चलते उदय नारायण ने सिपाही प्रभाकर राय को अलग-अलग किस्तों में दो लाख रुपए दिए।

घूस देने का वीडियो किया रिकार्ड, वही बना सबूत का आधार

मामले में वादी ने हार नहीं मानी। उन्होंने रुपए देने की कई घटनाओं के वीडियो रिकॉर्ड कर लिए। यही वीडियो बाद में उनके लिए मजबूत सबूत साबित हुए। इन सबूतों के आधार पर भ्रष्टाचार निरोधक संगठन ने मामले की जांच की और प्रभाकर राय के खिलाफ कार्यवाही शुरू की।

लंबी सुनवाई और गवाहियों के बाद एंटी करप्शन कोर्ट ने सिपाही प्रभाकर राय को दोषी ठहराते हुए पांच साल की कैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था के जिम्मेदार पद पर रहते हुए इस तरह की हरकतें न केवल भ्रष्टाचार को बढ़ावा देती हैं, बल्कि जनता के अधिकारों और न्याय प्रणाली की जड़ें कमजोर करती हैं।

वादी ने किया कोर्ट के फैसले का स्वागत

वादी उदय नारायण ने कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि भले ही न्याय पाने में लंबा समय लगा, लेकिन सच्चाई की जीत हुई है। उन्होंने कहा कि वीडियो सबूतों के बिना शायद यह लड़ाई इतनी लंबी और कठिन होती। मामले में एसओ बृजेश राय की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं, जिनके निर्देश पर पूरी वसूली की गई थी। हालांकि, इस पर अलग से जांच और कार्रवाई की संभावना बनी हुई है।

You Missed

WHO Chief Urges Continued Vigilance After Hantavirus Evacuation
Top StoriesMay 12, 2026

डब्ल्यूएचओ के प्रमुख ने हंटावायरस निकासी के बाद निरंतर सतर्कता के लिए आग्रह किया

मैड्रिड: विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख टेड्रोस अधानोम गेब्रेयसुस ने मंगलवार को कहा कि हंटावायरस को रोकने के…

Iran regime insiders may flee to Russia after talks collapse, analyst warns
WorldnewsMay 12, 2026

ईरान के शासकों के अंदरूनी लोग बातचीत के टूटने के बाद रूस भाग सकते हैं, विश्लेषक चेतावनी देता है

उच्च स्तरीय अमेरिका-ईरान वार्ताओं का विफल होना और ईरान के नेतृत्व के कुछ प्रमुख सदस्यों के रूस में…

Hantavirus case confirmed in American who evacuated cruise ship, flew to Nebraska
HealthMay 12, 2026

अमेरिकी में हंटावायरस के मामले की पुष्टि, जो क्रूज जहाज से निकाले गए और नेब्रास्का उड़ान भरी

संयुक्त राज्य अमेरिका के कुछ नागरिकों को MV Hondius क्रूज शिप से निकाला गया और उन्हें अमेरिका वापस…

Scroll to Top