केरल के अलप्पुझा में 30 अगस्त को 71वां नेहरू ट्रॉफी बोट रेस होने जा रहा है, जिसमें कुल 75 बोटें इस आयोजन में भाग लेंगी। केरल के सबसे प्रतिष्ठित और लोकप्रिय आयोजनों में से एक यह बोट रेस इस वर्ष के लिए 3.78 करोड़ रुपये के बजट से चलेगा।
अभी हाल ही में अपडेट के अनुसार, साइकल प्यूर अगारबथी ने इस आयोजन के साथ सोने के स्पॉन्सर के रूप में भागीदारी की है, जबकि एएमएफआई ने भी इस आयोजन में भाग लेने के लिए 3डी एयरपोर्ट एक्सपीरियंस और नेहरू ट्रॉफी बोट रेस में भाग लेने का निर्णय लिया है।
इस आयोजन के लिए केरल के कई पर्यटक और दर्शकों की उम्मीद है, जिसमें विशेष श्रेणियों के लिए मलयाली न होने वाले रोवरों के लिए वल्लम कली बोट रेसिंग शैली के बारे में शिक्षा प्रदान की जाएगी। केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) ने भी घोषणा की है कि पवेलियन पास और बस की सीटें उनके बजट पर्यटन केंद्र के माध्यम से आरक्षित की जा सकती हैं।
आयोजन की तैयारी के लिए अलप्पुझा जिला प्रशासन ने सुरक्षा उपायों को बढ़ाया है, जिसमें दर्शकों और भागीदारों के सुचारू रूप से आगे बढ़ने के लिए यातायात प्रतिबंध लगाए गए हैं। यह आयोजन केरल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन विकास का एक भव्य उत्सव होगा।
नेहरू ट्रॉफी बोट रेस केरल के सांस्कृतिक कैलेंडर में एक महत्वपूर्ण आयोजन है, और यह आयोजन केरल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और इसकी अद्वितीय परंपराओं और रीति-रिवाजों को दुनिया के सामने प्रदर्शित करने की क्षमता का प्रमाण है। इस वर्ष के आयोजन के लिए 75 बोटों की भागीदारी की उम्मीद है, जो दर्शकों के लिए एक रोमांचक अनुभव होगी। यह आयोजन केरल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और अद्वितीय परंपराओं का एक उत्सव होगा, और यह आयोजन देश भर से कई पर्यटकों और दर्शकों को आकर्षित करेगा।
नेहरू ट्रॉफी बोट रेस केरल के सांस्कृतिक कैलेंडर में एक महत्वपूर्ण आयोजन है, और यह आयोजन केरल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और इसकी अद्वितीय परंपराओं और रीति-रिवाजों को दुनिया के सामने प्रदर्शित करने की क्षमता का प्रमाण है। इस वर्ष के आयोजन के लिए 75 बोटों की भागीदारी की उम्मीद है, जो दर्शकों के लिए एक रोमांचक अनुभव होगा। यह आयोजन केरल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और अद्वितीय परंपराओं का एक उत्सव होगा, और यह आयोजन देश भर से कई पर्यटकों और दर्शकों को आकर्षित करेगा।
आयोजन के लिए सुरक्षा उपायों को बढ़ाया जा रहा है, जिसमें दर्शकों और भागीदारों के सुचारू रूप से आगे बढ़ने के लिए यातायात प्रतिबंध लगाए गए हैं। यह आयोजन केरल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन विकास का एक भव्य उत्सव होगा।