लखनऊ: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता को चुनौती देने वाले याची एस. विग्नेश शिशिर को सुरक्षा प्रदान करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने यह आदेश केंद्र सरकार को दिया है, जिसमें गृह मंत्रालय, इंटेलिजेंस ब्यूरो और अन्य संबंधित एजेंसियों से इस मामले में जवाब भी तलब किया है.
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि याची को खतरा वास्तविक है और उसे लगातार धमकियां मिल रही हैं. हाईकोर्ट ने यह भी स्वीकार किया है कि याची को रोज खतरे का सामना करना पड़ रहा है और वह मुकदमों की पैरवी कर पाने की स्थिति में नहीं है. इसलिए उसे संरक्षण दिया जाना आवश्यक है.
विग्नेश शिशिर ने 2024 में राहुल गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता को लेकर CBI में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसकी जांच बाद में एंटी करप्शन विंग को ट्रांसफर कर दी गई. याची के मुताबिक, वह कई बार जांच एजेंसी के सामने पेश हो चुका है और दस्तावेज़ सौंप चुका है. उन्होंने कोर्ट को बताया कि उन्हें इस वर्ष के दूसरे हफ्ते में यूनाइटेड किंगडम से राहुल गांधी के ब्रिटिश पासपोर्ट की कॉपी मिली है, जिसमें उनका पता 2, फ्रांगल वे, लंदन अंकित है.
विग्नेश शिशिर ने रायबरेली पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की थी. इसके बाद पुलिस ने उन्हें नोटिस जारी कर जांच अधिकारी के सामने हाज़िर होने को कहा. इस संदर्भ में याची ने बताया कि उन्हें पेशी के लिए बार-बार बुलाया जा रहा है और साथ ही धमकियों का भी सामना करना पड़ रहा है।
कोर्ट ने केंद्र सरकार को जवाब देने के लिए समय दिया है, जिसके बाद मामले की अगली सुनवाई 9 अक्टूबर 2025 को होगी.