Last Updated:August 17, 2025, 20:20 ISTहमारे आसपास कुछ ऐसे फल होते हैं जो न सिर्फ स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हैं, बल्कि उनकी खेती करके हम अच्छा मुनाफा भी कमा सकते हैं. आज की खबर में हम बात करेंगे ड्रैगन फ्रूट की खेती की ऐसी विधि के बारे में, जिसमें लागत केवल एक बार लगती है, लेकिन मुनाफा कई सालों तक होता है. आइए जानते हैं यह खास विधि क्या है… मेडिकल कॉलेज सुल्तानपुर में कार्यरत आयुर्वेद चिकित्सक डॉक्टर संतोष कुमार श्रीवास्तव बताते हैं कि ड्रैगन फ्रूट सेहत के लिए बहुत लाभदायक माना जाता है. हालांकि इसकी खेती भारत में अभी सीमित मात्रा में होती है, लेकिन किसानों में बढ़ती जागरूकता और कृषि में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को शामिल करना फायदेमंद साबित हो रहा है. आज हम जानेंगे कि ड्रैगन फ्रूट की खेती किस विधि से की जाए, ताकि किसानों को अच्छा मुनाफा हो और वे पारंपरिक खेती से अधिक कमाई कर सकें. कुछ किसान पारंपरिक खेती से अपनी जरूरतें पूरी नहीं कर पाते और आर्थिक तंगी का सामना करते हैं. ऐसे किसानों के लिए ड्रैगन फ्रूट की खेती वरदान साबित हो सकती है. यदि किसान इसे सही विधि से उगाएं, तो एक एकड़ जमीन पर सालाना लाखों रुपए की कमाई संभव है. कृषि वैज्ञानिक डॉ एके सिंह ने बताया कि ड्रैगन फ्रूट्स की खेती को एक बार लगाकर 25 साल तक इससे मुनाफा कमाया जा सकता है. 25 साल में सिर्फ एक बार इसकी बुवाई की जाती है और आसान देखभाल के साथ इससे अच्छी आमदनी की जा सकती है. सुलतानपुर के डभरिया गांव स्थित पाली हाउस में कार्यरत डॉक्टर तुषार पवार ने लोकल 18 से बातचीत के दौरान बताया कि ड्रैगन फ्रूट की खेती यदि पोल विधि से की जाए तो इसमें अधिक फायदा हो सकता है. क्योंकि इस विधि से पौधों को विकसित होने का पूरा मौका मिल जाता है और इसमें फल आने पर कीड़े आदि लगने से बचा जा सकता है. इस पिलर विधि में एक पिलर लगभग 5 फुट का बनाया जाता है और उसे पर गोल आकार वाले प्लेट को रख दिया जाता है जिसमें छेद रहते हैं. एक पिलर पर चार ड्रैगन फ्रूट्स के पौधे लगाए जाते हैं. कृषि वैज्ञानिक डॉ एके सिंह ने बताया कि ड्रैगन फ्रूट्स की खेती को एक बार लगाकर 25 साल तक इससे मुनाफा कमाया जा सकता है. 25 साल में सिर्फ एक बार इसकी बुवाई की जाती है और आसान देखभाल के साथ इससे अच्छी आमदनी की जा सकती है. डॉ तुषार पवार ने बताया कि पौधों को जमीन में लगाने के बाद मल्चिंग पेपर का इस्तेमाल किसानों को करना चाहिए इसका फायदा यह होता है कि पौधों के आसपास उगने वाले खरपतवार आदि नहीं उग पाए जिससे पौधे सुरक्षित रहते हैं और उन पर अन्य किसी खरपतवार आदि का प्रभाव नहीं पड़ पाता, जिससे उनका अच्छे से विकास हो पाता है. प्रत्येक वर्ष इसका पौधा बढ़ता है और फसल भी अधिक देता है. कम पानी खर्च कर इस फसल को उगाया जाता है. कटीला होने की वजह से आवारा पशुओं से भी इस फसल को कोई नुकसान नहीं होता है. पॉलीहाउस संरक्षक तुषार बताते हैं कि ड्रैगन फ्रूट्स लगाने से पहले खेत अच्छी तरह से जुताई किया हुआ हो इसके साथ ही कीट-पतंगों व खरपतवारों से मुक्त होना चाहिए. जमीन में 20 से 25 टन प्रति हैक्टर की दर से अच्छी सड़ी हुई गोबर की खाद या फिर कम्पोस्ट मिला देनी चाहिए.First Published :August 17, 2025, 20:20 ISThomeagricultureड्रैगन फ्रूट की खेती का परमानेंट जुगाड़, सिर्फ एक बार लागत और 20 साल तक कमाई
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