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Breastfeeding Mistakes Can Make Both Mother and Baby Sick Fix These Habits Now | ब्रेस्ट फीडिंग की ये गलतियां मां और बच्चे दोनों को बना सकती हैं बीमार! तुरंत सुधारें ये आदतें



Breastfeeding Tips for Mothers: ब्रेस्ट फीडिंग की सही पोजीशन, मां और शिशु दोनों के हेल्थ के लिए जरूरी है. भारत सरकार का आयुष मंत्रालय और यूनिसेफ दोनों न केवल ब्रेस्ट फीडिंग के लाभ बल्कि इसकी सही पोजीशन क्या है, यह भी बताता है.
आयुष मंत्रालय के अनुसार मां का दूध शिशु के लिए पहले 6 महीनों में सभी जरूरी पोषक तत्व प्रदान करता है. जिसमें वसा, प्रोटीन, विटामिन और खनिज शामिल हैं. यह शिशु की इम्युनिटी को मजबूत करता है, वायरल बीमारियों से बचाता है और दिमाग के विकास को बढ़ावा देता है. इसके साथ ही माताओं में स्तन व डिम्बग्रंथि कैंसर, डायबिटिज और हार्ट की बीमारियों का खतरा भी कम होता है.
यूनिसेफ का मानना है कि सही ब्रेस्ट फीडिंग पोजीशन इस प्रक्रिया को और प्रभावी बनाती है. इनमें क्रैडल होल्ड, क्रॉस-क्रैडल होल्ड, फुटबॉल होल्ड, करवट लेकर लेटने की स्थिति और लेटने की स्थिति शामिल है.
यूनिसेफ के अनुसार, पालना पकड़ या क्रैडल होल्ड सबसे लोकप्रिय पोजीशन है, जो मां और शिशु के बीच भावनात्मक जुड़ाव को बढ़ाती है. मां अपने शिशु को गोद में इस तरह रखती है कि उसका सिर कोहनी के मोड़ पर और शरीर मां की छाती से सटा हो. तकिए का सहारा लेने से मां की बांह को आराम मिलता है, जिससे लंबे समय तक ब्रेस्ट फीडिंग आसान हो जाता है. 
दूसरा है क्रॉस-क्रैडल होल्ड पोजीशन, जो नवजात शिशुओं के लिए सही पोजीशन है और यह मां को शिशु के सिर पर बेहतर नियंत्रण देती है. शिशु को क्रैडल होल्ड की विपरीत दिशा में रखा जाता है, जिसमें सिर को हाथ से सहारा दिया जाता है. यह स्थिति नई माताओं के लिए मददगार है. 
तीसरे नंबर पर आता है फुटबॉल होल्ड या अंडर-आर्म होल्ड. यह पोजीशन सीजेरियन डिलीवरी या निप्पल दर्द से जूझ रही माताओं के लिए बेहद लाभकारी है. शिशु को फुटबॉल की तरह बांह के नीचे रखा जाता है, जिससे उसका चेहरा स्तन की ओर और पैर मां की बांह के नीचे रहते हैं. यह बंद नलिकाओं को खोलने में मदद करता है.करवट लेकर लेटने वाली पोजीशन रात के समय या थकान होने पर सुकून देती है. मां और शिशु दोनों करवट लेकर लेटते हैं, शिशु का सिर मां की छाती पर होता है. तकिए से पीठ का सहारा लेना और शिशु की नाक को अवरुद्ध होने से बचाना जरूरी है. 
लेटने की पोजीशन, यह चंचल या बेचैन शिशुओं के लिए शांतिदायक पोजीशन है. मां तकिए के सहारे थोड़ा पीछे झुकती है और शिशु को अपनी छाती पर लिटाती है. त्वचा से त्वचा का संपर्क भावनात्मक बंधन को और मजबूत बनाता है. ये पोजीशन न केवल ब्रेस्ट फीडिंग को आरामदायक बनाती है, बल्कि मां और शिशु के बीच प्रेम और विश्वास का रिश्ता भी मजबूत करती है. (आईएएनएस)
Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों की मदद ली है. आप कहीं भी इसे अपनाने से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें.



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