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बुमराह फिट हैं या नहीं… कैसे लगाया जाता है वर्कलोड का अंदाजा, कोच ने समझाया पूरा गणित



IND vs ENG: भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज में जसप्रीत टीम इंडिया के स्टार गेंदबाज बुमराह वर्कलोड के चलते बड़ा मुद्दा साबित हुए हैं. वर्कलोड के चलते पांच में से बुमराह को महज 3 टेस्ट के लिए फिट बताया गया. जिसके बाद कई सवाल खड़े किए गए. लेकिन आखिर ये वर्कलोड काउंट कैसे होता है, इस बारे में भारतीय बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने डिटेल में समझाया है. उन्होंने बुमराह की 5वें टेस्ट में मौजूदगी पर भी बात की है जो 31 जुलाई से खेला जाएगा. 
बुमराह का शानदार प्रदर्शन
जसप्रीत बुमराह ने तीन टेस्ट खेल लिए हैं और दमदार प्रदर्शन किया. हालांकि, चौथे टेस्ट में उनकी बॉलिंग में कम धार नजर आई. फिर भी उनकी मौजूदगी टीम इंडिया को मजबूत बनाती है. हर कोई चाहता है कि बुमराह आखिरी टेस्ट में टीम इंडिया की प्लेइंग-XI में शामिल हों. लेकिन वर्कलोड बीच में रोड़ा बना हुआ है. सितांशु कोटक ने समझाया कि कैसे जीपीएस के जरिए वर्कलोड मैनेज होता है. 
क्या बोले सितांशु कोटक?
मीडिया से बात करते हुए कोटक ने कहा, ‘जसप्रीत बुमराह को 5वें टेस्ट में शामिल करने के बारे में अभी तक कोई चर्चा नहीं हुई है. वह इस समय फिट हैं, उनके वर्कलोड के आधार पर मुख्य कोच, फिजियो और कप्तान सलाह-मशविरा करेंगे. उसके बाद कोई फैसला करेंगे.’
कैसे मैनेज होता है वर्कलोड?
सितांशु कोटक ने वर्कलोड के बारे में डिटेल में बताते हुए कहा, ‘मुझे नहीं पता आप लोग वर्कलोड के बारे में क्या सोचते हैं. लेकिन मैं अगर सरल शब्दों में बताउं तो अगर कोई गेंदबाज टेस्ट सीरीज से पहले हर सप्ताह निश्चित संख्या में ओवर फेंकता है उससे वर्कलोड का अंदाजा लगाया जाता है. उनके पास एक जीपीएस होता है जो इसका रिकॉर्ड दिखाता है. इससे पता चलता है कि गेंदबाज ने पूरे हफ्ते कितने ओवर फेंके हैं. वह बॉलिंग कोच के संपर्क में रहते हैं. 4-5 हफ्तों के रिकॉर्ड उठाकर देखा जाता है कि किसी गेंदबाज का वर्कलोड ज्यादा तो नहीं है.’
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उन्होंने आगे बताया, ‘वर्कलोड ज्यादा कैसे होता है, यदि कोई बॉलर हर वीक 30 ओवर डाल रहा है और अचानक पहली पारी में 35 ओवर डाल देता है, तो यह कार्यभार में बढ़ोत्तरी कही जाएगी. यह जरूरी नहीं है कि प्रैक्टिस की वजह से हो. यह मैच की वजह से भी हो सकती है. अगर बॉलर थका हुआ लगता है तो तब कार्यभार पर विचार किया जा सकता है.’



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