पूर्व भारतीय क्रिकेटर योगराज सिंह ने इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में जारी तीसरे टेस्ट मैच के दौरान घटिया फील्डिंग करने के लिए टीम इंडिया के खिलाड़ियों को जमकर लताड़ लगाई है. योगराज सिंह के मुताबिक जब तक भारतीय टीम फील्डिंग में सुधार नहीं करती है, जीत हासिल करना मुश्किल है. लॉर्ड्स में जारी तीसरे टेस्ट मैच के दौरान भारतीय टीम की फील्डिंग एक बार फिर से खराब रही है. कई कैच छूटे हैं.
योगराज सिंह ने लगाई टीम इंडिया की क्लास
योगराज सिंह ने कहा, ‘मैं बहुत बार कह चुका हूं कि कैच मत छोड़ो. हमने इस पारी में 5-6 कैच छोड़े हैं. कम से कम, वो कैच नहीं छूटना चाहिए, जो हाथ में आ रहा हो. अगर टीम ने सभी कैच पकड़े होते, तो इंग्लैंड 300 के अंदर सिमट गई होती. हमें अपनी फील्डिंग सुधारनी पड़ेगी. इसके बिना हम नहीं जीत सकते. फील्डर्स को प्रतिदिन 100-100 कैच पकड़ने का अभ्यास करना चाहिए.’
उजागर कर दी बड़ी कमजोरी
योगराज सिंह ने कहा, ‘भारतीय टीम में जब युवराज सिंह और मोहम्मद कैफ आए, उस समय फील्डिंग के स्तर में बड़ा सुधार हुआ. ये ऐसे कैच पकड़ते थे, जिनके पकड़े जाने की संभावना नहीं होती थी. वहीं, दो की जगह एक और तीन रन की जगह रन आउट किया करते थे. इनके जैसी फील्डिंग मौजूदा टीम को करनी होगी.’
शुभमन गिल को भूल जानी चाहिए यह बात
योगराज सिंह ने कहा, ‘जहां तक बल्लेबाजी का सवाल है, तो शुभमन गिल को यह भूल जाना चाहिए कि पिछले मैच में क्या किया. वह हर पारी को अपनी पहली पारी समझेगा तो हमेशा रन बनेंगे. हमारे शुरुआती 5-6 बल्लेबाज अच्छा कर रहे हैं. निचला क्रम कमजोर है. मुझे लगता है कि बुमराह और सिराज के साथ अन्य गेंदबाजों को नेट्स में 1-1 घंटे बल्लेबाजी का अभ्यास करवाना जरूरी है.’ अगर जब कभी टॉप ऑर्डर फ्लॉप होगा, तो ये काम आ सकते हैं. इससे 11 नंबर तक हमारी बल्लेबाजी मजबूत होगी. क्रिकेट ऐसी गेम है कि कई बार एक विकेट 300 रन की साझेदारी कर मैच बदल देता है.
विवियन रिचर्ड्स का दिया उदाहरण
एक पुराने मैच को याद करते हुए योगराज सिंह ने कहा, ‘मुझे याद है कि वेस्टइंडीज का मैच चल रहा था. एक तरफ से विवियन रिचर्ड्स बल्लेबाजी कर रहे थे. वेस्टइंडीज के 9 विकेट 109 रन पर गिर चुके थे. रिचर्ड्स ने आखिरी नंबर पर आए माइकल होल्डिंग को सिर्फ विकेट पर रुकने को कहा. आखिरी विकेट के लिए दोनों ने लगभग 125 रन की साझेदारी की. रिचर्ड्स ने उस मैच में 189 रन की पारी खेली थी. वह उस समय का वनडे का सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर था. वह मैच वेस्टइंडीज जीती थी. इसलिए निचले क्रम के खिलाड़ियों के पास बल्लेबाजी का आत्मविश्वास होना चाहिए.
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