Uttar Pradesh

चित्रकूट में राकेश टिकैत का बड़ा ऐलान! किसान ट्रेनिंग सेंटर खोलने की तैयारी, सरकारों पर जमकर बरसे

Last Updated:July 10, 2025, 23:30 ISTChitrakoot News: राकेश टिकैत ने चित्रकूट में किसान ट्रेनिंग सेंटर खोलने की घोषणा की. उन्होंने भूमि अधिग्रहण और MSP पर सरकार की नीतियों की आलोचना की. टिकैत ने जाति और नॉनवेज विवाद पर भी सवाल उठाए.
किसान नेता राकेश टिकैत हाइलाइट्सचित्रकूट में किसान ट्रेनिंग सेंटर खोलने की घोषणा.टिकैत ने भूमि अधिग्रहण और MSP पर सरकार की नीतियों की आलोचना की है.टिकैत ने जाति और नॉनवेज विवाद पर भी सवाल उठाए.चित्रकूट: भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत एक बार फिर अपने बेबाक बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं. इस बार उन्होंने बुंदेलखंड के चित्रकूट में एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि जल्द ही यहां किसान ट्रेनिंग सेंटर खोला जाएगा, जहां देशभर के किसानों को खेती के नए तरीकों और समस्याओं से निपटने की ट्रेनिंग दी जाएगी.

टिकैत ने कहा कि आज देश में किसानों का सबसे बड़ा मुद्दा भूमि अधिग्रहण है. सरकारें किसानों से जबरन जमीनें छीनकर निजी कंपनियों और पूंजीपतियों को दे रही हैं. अब बुंदेलखंड जैसे पिछड़े इलाकों में भी किसान जमीन अधिग्रहण की मार झेल रहे हैं. उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों का एजेंडा अब अनाज नहीं, जमीन पर कब्जा करना है.

MSP पर भी उठाए सवाल
टिकैत ने कहा कि सरकारी MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) का फायदा किसानों को नहीं, बल्कि व्यापारियों को ज्यादा मिल रहा है. व्यापारी अपनी फसल MSP पर बेच रहे हैं, जबकि असली किसान को न्यूनतम मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है. इतना ही नहीं, उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों को अब यूरिया और डीएपी खाद की जगह नैनो खाद पकड़ा रही है, जिससे फसल की उपज में भारी गिरावट आई है. उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ दिखावे की खेती करवा रही है, असली समाधान की बात कोई नहीं कर रहा है.

सरकार की नीतियों पर उठाए सवालप्रदेश सरकार की नीतियों पर निशाना साधते हुए टिकैत ने कहा, “सरकार की सोच ही गलत है। जहां बच्चों के लिए स्कूल बंद किए जा रहे हैं, वहीं हर गली में शराब के ठेके खोले जा रहे हैं. ये कैसी नीति है, जहां शिक्षा की जगह नशा फैलाया जा रहा है?”

जाति और नॉनवेज विवाद में भी कूदे टिकैतराकेश टिकैत ने जाति और नॉनवेज खाने को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा. उन्होंने कहा, “अगर सरकार को जाति से नफरत है तो बात समझ में आती है, लेकिन अगर नॉनवेज से है तो ईद के दिन हिंदू भाई जो मुस्लिम दोस्तों के यहां बकरा खाकर आते हैं, उन्हें भी चिन्हित करना चाहिए. जो बकरा खाकर सनातन का झंडा उठाते हैं, उनसे भी सवाल पूछे जाएं. उन्होंने आगे कहा कि सभी होटलों और रेस्टोरेंट्स में नॉनवेज और वेज की पहचान के लिए रंग तय किए जाएं. ग्रीन कलर में वेज और रेड में नॉनवेज लिखा जाए, जिससे किसी की भावनाएं आहत न हों.Location :Chitrakoot,Uttar Pradeshhomeuttar-pradeshचित्रकूट में राकेश टिकैत का बड़ा ऐलान! किसान ट्रेनिंग सेंटर खोलने की तैयारी

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