Uttar Pradesh

कई बीमारियों के लिए काल, भगवान विष्णु का ‘सुदर्शन’, सफेद फूलों वाला ये पौधा कलयुग की संजीवनी

Last Updated:July 08, 2025, 23:35 ISTSudarshan Plant Benefits : इस पौधे में एंटीऑक्सीडेंट, एंटीमाइक्रोबियल और एंथेलमिंटिक गुण पाए जाते हैं, जो किसी एक पौधे में एक साथ कम ही मिलते हैं. स्वास्थ्य के लिए ये रामबाण है. कई गंभीर बीमारियों से बचाता है. रायबरेली. घर की क्यारी हो या गार्डन सभी जगह आपको चौड़े पत्ते का एक पौधा जरूर देखने को मिलता है. जो दिखने में बड़ा सुंदर लगता है. यह पौधा जितना देखने में सुंदर है, उतना ही हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है. आयुर्वेद में इसे औषधीय पौधा माना गया है, जो हमे कई बीमारियों से बचाता है. हम बात कर रहे हैं सुदर्शन पौधे की, जो औषधीय गुणों की खान है. जैसा इसका नाम वैसे ही इसका काम भी है. आयुष चिकित्सा के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखने वाली रायबरेली जिले के सीएचसी शिवगढ़ की चिकित्सक डॉ. आकांक्षा दीक्षित (एमडी आयुर्वेद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद जयपुर, राजस्थान) के मुताबिक, सुदर्शन एक शाकीय पौधा है. इसमें सफेद रंग के फूल होते हैं. एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद हैं. इसके कोई साइड इफेक्ट नहीं होते हैं. इसे समन्यतायः ज्वारनाशक भी कहा जाता है.

इन औषधीय गुणों से भरपूर 

लोकल 18 से बात करते डॉ. आकांक्षा दीक्षित बताती हैं कि सुदर्शन के पौधे में कई ऐसे एंटीऑक्सीडेंट, एंटी माइक्रोबियल गुण, ऐंथलमिंटीक गुण पाए जाते हैं, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए रामबाण हैं. यह हमें कई गंभीर बीमारियों से बचाने में कारगर हैं. सुदर्शन के पौधे की पत्तियां फूल और जड़ सभी बेहद उपयोगी हैं. ये हमें बुखार, कान दर्द, जोड़ों के दर्द, त्वचा के लिए, गठिया के दर्द, बवासीर, पेट के कीड़ों और शरीर की सूजन को कम करने सहित कई दूसरी बीमारियों से बचाता है.

जानें कैसे करें सेवन

डॉ. आकांक्षा बताती हैं कि सुदर्शन को क्रिनम लैटिफोलियम के नाम से भी जाना जाता है. यदि आपकी हड्डियों में दर्द है तो इसकी पत्तियों को पीसकर रस लगाएं. कान दर्द होने पर पत्तों को गर्म करके उनका रस निकालें. फिर गुनगुने रस के एक से दो बूंद कानों में डालें. गठिया के दर्द में पत्तों को गर्म करके उस पर जैतून का तेल लगाकर घुटनों में बांध लें. पेट में कीड़े होने पर बच्चों को इसके पत्तों का रस पिलाएं. शरीर में सूजन, चोट, मोच, दर्द और जलन की जगह पर इसके पत्तों को गर्म करके बांध लें. बवासीर में इसके पत्तों का रस गर्म करके इस्तेमाल करें. ऐसा करने से दर्द और सूजन से राहत मिलती है.

Disclaimer : इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local 18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.Location :Rae Bareli,Uttar Pradeshhomelifestyleकई बीमारियों के लिए काल, भगवान विष्णु का ‘सुदर्शन’, ये पौधा कलयुग की संजीवनी

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