Last Updated:June 22, 2025, 10:14 ISTRampur Famous Samosa: रामपुर जिले से करीब 12 किलोमीटर दूर तहसील शाहबाद के पटवाई कस्बे में एक समोसे की दुकान है, जो पिछले 40 सालों से लोगों के स्वाद की पहली पसंद बनी हुई है. इस समोसे की शुरुआत गुप्ता जी ने महज 75 पैसे में की थी. समय बदला, महंगाई बढ़ी, लेकिन, इस दुकान के समोसे का स्वाद आज भी बिल्कुल वही है. अब यहां एक समोसा 7 रुपये में मिलता है, लेकिन, लोगों की भीड़ और पसंद में कोई कमी नहीं आई है. गुप्ता जी बताते हैं कि जब उन्होंने दुकान शुरू की थी, तब खुद अपने घर में मसाले पीसते थे. आज भी वह उसी परंपरा को निभा रहे हैं. मसालों की यही खासियत उनके समोसों को सबसे अलग बनाती है. आलू की स्टफिंग हो या मसाले जैसे अजवाइन, पुदीना, हरी मटर, अमचूर, हींग — घर के कूटे खड़े मसाले — सब कुछ इतने संतुलन के साथ तैयार होता है कि एक बार जो खा ले, वह दोबारा जरूर लौटता है. इस दुकान की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि रामपुर शहर से लोग विशेष रूप से समोसे खाने यहां पटवाई आते हैं. यही नहीं, बाहर से आने वाले लोग भी यहां से समोसे पैक करवाकर ले जाते हैं. स्थानीय लोग बताते हैं कि यहां के समोसे की खुशबू ही इतनी अलग होती है कि दूर से पहचान में आ जाती है. दुकान भले ही ज्यादा बड़ी नहीं है, लेकिन समोसे का नाम अब दूर-दराज तक पहुंच चुका है. शादी, त्योहार या किसी भी खास मौके पर लोग खासतौर पर यहीं से समोसे मंगवाना पसंद करते हैं. गुप्ता जी के हाथ से बने देसी समोसे लोगों को पुराने ज़माने की याद दिलाते हैं. यही वजह है कि 40 साल बाद भी इस दुकान पर लोगों की भीड़ कम नहीं होती है.homelifestyleगुप्ता जी के समोसे की कीमत 75 पैसे से 7 रुपये हो गई, मगर 40 साल से वही स्वाद
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