Last Updated:June 14, 2025, 19:03 ISTAgra news in hindi : मध्य प्रदेश के शहडोल से बचाई गई भालू शावक ‘जेनी’ को आगरा के वाइल्डलाइफ एसओएस केंद्र में नया घर मिल गया है. जेनी धीरे-धीरे यहां के माहौल में ढल रही है. मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से बचाई गई पांच महीने की मादा भालू को आगरा के वाइल्डलाइफ एसओएस भालू संरक्षण केंद्र में नया जीवन मिला है. इस शावक की मां मानव-वन्यजीव संघर्ष का शिकार हुई थी और गहन उपचार के बावजूद उसकी मौत हो गई. शावक को ‘जेनी’ नाम दिया गया है, जो अब विशेषज्ञ देखभाल में सुरक्षित और स्वस्थ है. मध्य प्रदेश के बाहगढ़ गांव के पास जंगल में लोगों ने छोटे भालू की चीखें सुनीं, जिसकी मां पास ही गंभीर रूप से घायल अवस्था में पाई गई. वन विभाग ने तुरंत कार्यवाही करते हुए शावक को रेस्क्यू किया, लेकिन उसकी मां को नहीं बचाया जा सका. अनाथ शावक की विशेष देखभाल की जरूरत को देखते हुए उसे वाइल्डलाइफ एसओएस के संरक्षण केंद्र भेजा गया. मथुरा आने पर जेनी की हालत चिंताजनक थी. उसे पाचन संबंधी समस्याएं थीं और वह बेहद कमजोर थी. संस्था की पशु चिकित्सा टीम ने उसे वीनिंग यूनिट में रखकर 24 घंटे निगरानी और पोषण प्रदान किया. अब उसमें सुधार के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं. उसे विशेष दूध और पोषक आहार दिया जा रहा है, जिससे उसकी भूख, वजन और ऊर्जा में वृद्धि हुई है. वाइल्डलाइफ एसओएस के सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने कहा कि जेनी ने बहुत कम उम्र में भारी आघात झेला है, लेकिन समय पर रेस्क्यू और हमारी टीम की मेहनत से अब उसे नया जीवन मिला है. संस्था की सचिव गीता शेषमणि ने बताया कि हमारी टीम उसे वही मातृत्व देखभाल देने का प्रयास कर रही है जो उसने खो दी. उसकी भावनात्मक और शारीरिक भलाई हमारी प्राथमिकता है. डॉ. इलियाराजा ने बताया कि जेनी अब चंचल हो गई है और उसका फर भी चमकदार हो गया है.homeuttar-pradeshMP में अनाथ, आगरा में मिला घर, पांच महीने की भालू चुरा रही दिल
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