अस्पताल में बिस्तरों पर बिछी चादरें सफेद रंग की होती है. यह कोई एक या दो अस्पतालों में नहीं बल्कि लगभग सभी अस्पतालों में देखा जा सकता है. यह कोई संयोग नहीं है. सफेद रंग की बेडिंग के पीछे कुछ बहुत ठोस कारण हैं.
अस्पतालों में सफेद रंग का इस्तेमाल दिमाग को शांत करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. कलर साइकोलॉजी के अनुसार, सफेद रंग डर, दर्द, बेचैनी की भावना करने और मन को तनाव मुक्त करने का करता है. ऐसे में जब सफेद चादरें भी इसी उद्देश्य को पूरा करने में मदद करती हैं. लेकिन सफेद चादरों की भूमिका सिर्फ यहां तक सीमित नहीं है. यह आपके हेल्थ के तार भी जुड़े हैं.
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सफेद चादर और हेल्थ का कनेक्शन
इंफेक्शन कंट्रोल में मददगार
ब्रिटिश जर्नल ऑफ नर्सिंग के अनुसार, सफेद चादरों से संक्रमण के फैलने का खतरा कम होता है. क्योंकि अगर चादर पर खून, पस या किसी दवा का दाग लगे तो उसे तुरंत पहचाना जा सकता है. जिससे इसे तुरंत बदलना और साफ करना आसान होता है.
ट्रीटमेंट प्रोसेस को आसान बनाने में कारगर
सफेद रंग लाइट को बेहतर तरीके से रिफ्लेक्ट करता है, जिससे कमरों में रोशनी अच्छी बनी रहती है. यह डॉक्टरों और नर्सों को मरीज की स्थिति को सही तरह से टेस्ट और ट्रीट करने में मदद करता है. माना जाता है कि शरीर पर सूजन, लालिमा या अन्य लक्षण सफेद चादरों पर आसानी से नजर आती है.
ये भी एक कारण
सफेद चादरों को धोने और बैक्टीरिया फ्री रखने में आसानी होती है. उन्हें गर्म पानी और ब्लीच से धोया जा सकता है. यही कारण है कि सफेद चादर लंबे समय तक इस्तेमाल की जा सकती हैं और बार-बार धोने के बावजूद उनकी क्वालिटी बनी रहती है.
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. इसे अपनाने से पहले चिकित्सीय सलाह जरूर लें. ZEE NEWS इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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