लिवर की बीमारी दुनियाभर में एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है, जिससे हर साल करीब 20 लाख लोगों की जान जाती है. यह आंकड़ा वैश्विक मौतों का 4% है यानी हर 25 में से एक मौत लिवर डिजीज की वजह से होती है. लेकिन अब एक नई खोज ने इस खतरनाक बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए उम्मीद की किरण दिखाई है.
चीन में हुई एक हालिया स्टडी के मुताबिक, टाइप-2 डायबिटीज की एक आम दवा ‘डापाग्लिफ्लोजिन’ (Dapagliflozin) लिवर की गंभीर बीमारियों जैसे MASH (मेटाबॉलिक डिसफंक्शन-असोसिएटेड स्टीटोहेपेटाइटिस) और लिवर फाइब्रोसिस के इलाज में प्रभावी साबित हो सकती है.
डापाग्लिफ्लोजिन क्या है?डापाग्लिफ्लोजिन एक SGLT-2 इनहिबिटर है जिसे आमतौर पर डायबिटीज के मरीजों को ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए दिया जाता है. लेकिन अब वैज्ञानिकों ने पाया कि यह दवा लिवर में जमा फैट, सूजन और फाइब्रोसिस को कम करने में भी मददगार हो सकती है.
स्टडी की खास बातेंयह क्लिनिकल ट्रायल चीन के 6 मेडिकल सेंटर्स में किया गया, जिसमें नवंबर 2018 से मार्च 2023 के बीच 154 मरीजों को शामिल किया गया. इन सभी को लिवर बायोप्सी के जरिए MASH की पुष्टि हुई थी. मरीजों को 48 हफ्तों तक रोज 10mg डापाग्लिफ्लोजfन या प्लेसबो दिया गया. 48 हफ्ते के अंत में, डापाग्लिफ्लोजिन लेने वाले 53% मरीजों में MASH में सुधार देखा गया, जबकि प्लेसबो ग्रुप में ये आंकड़ा सिर्फ 30% था. वहीं, 45% मरीजों में लिवर फाइब्रोसिस में सुधार भी दर्ज किया गया.
एक्सपर्ट की रायवैज्ञानिकों का कहना है कि यह दवा न केवल लिवर की सूजन और फैट को कम करती है, बल्कि फाइब्रोसिस में भी सुधार लाती है. हालांकि, इस ट्रायल के नतीजे केवल चीनी आबादी पर आधारित हैं, इसलिए इसे व्यापक स्तर पर लागू करने के लिए और बड़े व मल्टी-रीजन स्टडी की जरूरत है.
Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. आप कहीं भी कुछ भी अपनी सेहत से जुड़ा पढ़ें तो उसे अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
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