Uttar Pradesh

पिता को मिला था पद्म श्री, अब बेटी ने रच दिया इतिहास! मऊ की डॉ. सोनिया को मिला देश का बड़ा सम्मान

Last Updated:June 01, 2025, 20:24 ISTमऊ जिले की डॉ. सोनिया नित्यानंद को चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया है. उन्होंने यूपी का पहला बोनमैरो ट्रांसप्लांट सेंटर स्थापित किया था. वर्तमान में केजीएमयू की कुलपति…और पढ़ेंPresident honorsहाइलाइट्समऊ जिले की डॉ. सोनिया नित्यानंद को पद्म श्री से सम्मानित किया गया है.उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र में अपना उत्कृष्ट योगदान दिया है.उन्होंने यूपी का पहला बोनमैरो ट्रांसप्लांट सेंटर स्थापित किया था.मऊ: उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के छोटे से गांव पहाड़ीपुर से निकली एक बेटी ने आज पूरे जिले को गर्व से सिर ऊंचा करने का मौका दिया है. डॉक्टर सोनिया नित्यानंद फिलहाल लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) की कुलपति हैं. उन्हें भारत सरकार ने इस साल पद्म श्री सम्मान से नवाजा है. यह सम्मान उन्हें चिकित्सा के क्षेत्र में उनके अद्भुत योगदान के लिए दिया गया है.

डॉ. सोनिया कोई आम डॉक्टर नहीं, बल्कि वह महिला हैं जिन्होंने साल 1991 में SGPGI में उत्तर प्रदेश का पहला बोन मैरो ट्रांसप्लांट सेंटर शुरू किया था. यही नहीं, उन्होंने लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान और अब केजीएमयू में भी बोनमैरो ट्रांसप्लांट की नींव रखी है. इसका सीधा मतलब यह है कि अब राज्य के ब्लड कैंसर और प्लास्टिक एनीमिया जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकेगी.

पिता भी थे देश के गौरवडॉ. सोनिया नित्यानंद के लिए यह सम्मान सिर्फ एक पुरस्कार नहीं है, बल्कि पिता की विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी भी है. उनके पिता डॉ. नित्यानंद देश के जाने-माने वैज्ञानिक थे और केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान (CDRI) में गर्भनिरोधक दवा ‘सहेली’ के जनक रहे हैं. उन्हें भी उनके कार्यों के लिए पद्म श्री मिल चुका है. आज जब बेटी को भी वही सम्मान मिला है तो मऊ ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में खुशी की लहर है.

शिक्षा और करियर का सफरडॉ. सोनिया ने अपनी एमबीबीएस और एमडी की पढ़ाई केजीएमसी (अब केजीएमयू) से की. इसके बाद उन्होंने स्वीडन के प्रसिद्ध कैरोलिंस्का इंस्टीट्यूट से इम्यूनोलॉजी में पीएचडी की. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1991 में केजीएमसी के मेडिसिन विभाग में सहायक प्रोफेसर के रूप में की थी. इसके बाद SGPGI में हेमेटोलॉजी विभाग की प्रमुख और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक बनीं. फिर लोहिया संस्थान में निदेशक का पद संभाला और अब केजीएमयू की कुलपति हैं.

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मऊ के लोगों के लिए गर्व का पलडॉ. सोनिया के सम्मानित होने के बाद मऊ जिले में खुशी का माहौल है. फतेहपुर मंडाव ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि प्रवीण कुंवर सिंह शुभम, अमित मिश्रा, डॉ. नासिर, डॉ. कैलाश मौर्य, शिक्षक राज बहादुर सिंह जैसे कई लोगों ने उन्हें बधाइयां दीं और कहा कि मऊ की यह बेटी आज हर युवा के लिए प्रेरणा है.

क्या बोले लोग?लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब डॉ. सोनिया को सम्मान मिला है. इससे पहले भी वह कई बार राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित हो चुकी हैं. मगर पद्म श्री मिलना न केवल उनका बल्कि पूरे मऊ जनपद का गौरव बढ़ाने वाला क्षण है.
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