Uttar Pradesh

संभल में पकड़ी गई एक SUV, मिला कुछ ऐसा कि जुड़ गए बीमा स्कैम से तार, मौत के बाद शुरू होता था खेल

Last Updated:May 20, 2025, 14:35 ISTMeerut news: फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र से बीमा क्लेम करने वाले मामलों को बढ़ता देख दिल्ली हाई कोर्ट ने जवाब मांगा है.
संभल में SUV कार में मिली नगदी (IMAGE CREDIT-CANVA)हाइलाइट्सफर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र से बीमा क्लेमदिल्ली HC ने दिया MCD को झटका24 सितंबर को होगी सुनवाई Meerut news: 17 जनवरी को यूपी के संभल जिले में एक SUV को रोका गया, इस कार में कुछ ऐसा मिला कि पुलिस के होश उड़ गए. जब पुलिस ने कार की तलाशी ली तो कार में भारी मात्रा में नकदी और फर्जी कागजात पाए गए. ये कागजात ऐसे वैसे कागजात नहीं थे, ये कागजात थे लोगों की जमा पूंजी को हथियाने के कागजात.

दरअसल, इस बीमा घोटाले में शामिल ये गिरोह न केवल फर्जी बीमा पॉलिसी बनाता था, बल्कि बीमा राशि वसूलने के लिए कई मामलों में हत्या तक कर डालता था. Enforcement Directorate (ED) लखनऊ ने हाल ही में इस घोटाले के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है. इस घोटाले की कुल राशि 500 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है.

जब हाई कोर्ट पहुंचा मामलावहीं पिछले कुछ दिनों में फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र दिखा, पैसों की ठगी के मामलों में बढ़ावा देखते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने नगर निगम दिल्ली (MCD) और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि बिना उचित सत्यापन के मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं. यह कदम नोएडा के वकील प्रवीण पाठक द्वारा दायर एक याचिका के बाद उठाया गया है, जिसमें कम से कम 12 राज्यों में बड़े पैमाने पर जीवन बीमा घोटाले का खुलासा हुआ है.

एमसीडी की लापरवाहीआरोप लगाया गया है कि एमसीडी की भारी लापरवाही के कारण फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र का उपयोग करके बीमा क्लेम किए गए हैं. कई मामलों में पॉलिसियां मृतकों के नाम पर जारी की गईं और बाद में फर्जी प्रमाण पत्र प्राप्त किए गए. याचिकाकर्ता प्रवीण पाठक ने कहा कि यह सिर्फ एक प्रक्रिया संबंधी लापरवाही नहीं है, बल्कि यह उन लोगों के अधिकारों का संवैधानिक उल्लंघन है जो इससे प्रभावित हुए हैं. उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना जैसी योजनाएं, जिनमें मृत्यु प्रमाण पत्र ही क्लेम का एकमात्र आधार होता है, इस प्रकार की धोखाधड़ी को बढ़ावा देती हैं. इतना ही नहीं इस गिरोह के लोग ऐसे लोगों को निशाना बनाते थे जो गंभीर रूप से बीमार या लाचार होते थे. उनके नाम पर बीमा पॉलिसी ली जाती और फिर उनकी मृत्यु के बाद नकली दस्तावेजों के सहारे क्लेम किया जाता.

दिल्ली हाई कोर्ट ने एमसीडी और दिल्ली सरकार को चार हफ्ते के अंदर जवाब देने करने का निर्देश दिया है. इस मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी. ED ने भी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है और जांच शुरू की है.
Location :Meerut,Uttar Pradeshhomecrimeसंभल में पकड़ी गई एक SUV, मिला कुछ ऐसा कि जुड़ गए बीमा स्कैम से तार, फिर…

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