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भारत के सबसे दबंग कप्तान, सचिन-द्रविड़ और गांगुली भी पलटकर नहीं दे पाते थे कोई जवाब



टीम इंडिया के पूर्व विस्फोटक ओपनर वीरेंद्र सहवाग को दुनिया के बेहतरीन गेंदबाजों की पिटाई करके उनकी लाइन और लेंथ बिगाड़ने की आदत थी. भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक से बढ़ कर एक बल्लेबाज आए और गए, लेकिन वीरू जैसा बल्लेबाज मिलना मुश्किल है. क्रिकेट से संन्यास के बाद वीरेंद्र सहवाग कमेंट्री की दुनिया में अपना जलवा बिखेर रहे हैं. वीरेंद्र सहवाग ने हाल ही में खुलासा किया है कि उनके खेल के दिनों में एक कप्तान ऐसे थे, जो सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली को भी डांट देते थे.
भारत के सबसे दबंग कप्तान
वीरेंद्र सहवाग ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि एक ऐसे कप्तान थे, जिनके सामने सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली जैसे दिग्गज खिलाड़ी भी पलटकर जवाब नहीं दे पाते थे. वीरेंद्र सहवाग ने कहा, ‘मेरे एरा में अनिल कुंबले ऐसे कप्तान थे, जिनको मैंने राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली पर गुस्सा होते हुए देखा है. हालांकि कोई भी उन्हें पलटकर जवाब नहीं दे पाता था. सब चुपचाप मुंह निचे करके निकल जाते थे. टीम इंडिया में अनिल कुंबले की इतनी रिस्पेक्ट थी.’
इस कप्तान ने सहवाग का टेस्ट करियर डूबने से बचाया
वीरेंद्र सहवाग की साल 2008 में अनिल कुंबले ने टीम इंडिया में वापसी करवाई थी. एक बार वीरेंद्र सहवाग ने एक इंटरव्यू में बताया था कि मुझे अचानक पता चला कि मैं भारतीय टेस्ट टीम का सदस्य नहीं रहा. साल 2007 में अचानक मुझे पता चला कि मैं भारतीय टेस्ट टीम का हिस्सा नहीं हूं. अगर मुझे उस एक साल के लिए ड्रॉप नहीं किया गया होता तो मैं टेस्ट क्रिकेट में 10,000 रन पूरे कर चुका होता.
इस शख्स ने दिया मौका तो बदल गई किस्मत
सहवाग ने माना कि साल 2007 में टीम इंडिया के तत्कालीन कप्तान अनिल कुंबले ने उनके खत्म होते दिख रहे टेस्ट करियर को बचा लिया. साल 2007-2008 के ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर तीसरा टेस्ट मैच पर्थ में खेला जाना था और सहवाग से पहले टीम इंडिया कैनबेरा गई, जहां प्रैक्टिस मैच खेला जाना था.
सहवाग ने ठोक दिया शतक
सहवाग ने बताया कि उस प्रैक्टिस मैच से पहले कप्तान तत्कालीन कप्तान अनिल कुंबले ने उनसे कहा था कि तुम इस मैच में अर्धशतक बनाओ और तुम्हे पर्थ टेस्ट के लिए टीम में चुना जाएगा. सहवाग ने प्रैक्टिस मैच में लंच ब्रेक से पहले ही शतक ठोक दिया था. इसके बाद उन्हें पर्थ टेस्ट के लिए टीम में शामिल किया गया. सहवाग ने इस शो पर कहा, ‘उस दौरे के बाद अनिल कुंबले ने मुझसे वादा किया था कि मैं जब तक टेस्ट कप्तान हूं, तुम टेस्ट टीम से बाहर नहीं होगे.’
पर्थ टेस्ट मैच में प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया
इसके बाद वीरेंद्र सहवाग को 2007-2008 के ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर पर्थ टेस्ट मैच में प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया. वीरेंद्र सहवाग ने इस मैच में 63 रनों की पारी खेली थी. सहवाग ने कहा, ‘वे 60 रन मेरी जिंदगी के सबसे मुश्किल रन थे. मैं अनिल भाई द्वारा मुझ में दिखाए गए भरोसे को सही साबित करने के लिए खेल रहा था. मैं नहीं चाहता था कि कोई भी अनिल भाई पर मुझे ऑस्ट्रेलिया ले जाने के लिए उन पर सवाल खड़ा करे.’
सहवाग के रिकॉर्ड्स
आपको बता दें कि वीरेंद्र सहवाग ने 104 टेस्ट में 49.34 के औसत से 8586 रन बनाए जिसमें 23 शतक और 32 अर्धशतक शामिल रहे. उनका बेस्ट स्कोर 319 रहा है. वीरू ने 251 वनडे में 8273 रन बनाए जिसमें 15 शतक और 38 अर्धशतक शामिल है. इस फॉर्मेट में वीरू का बेस्ट स्कोर 219 है. इसके अलावा 19 टी-20 मैचों में वीरू ने 394 रन बनाए, जिसमें 68 रन उनका सर्वाधिक स्कोर रहा.



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