Uttar Pradesh

सीमेंट नहीं…उड़द की दाल, जानवरों की हड्डी से बनी है ये अनोखी इमारत, यहां के तहखाने में छिपे हैं गुप्त राज

Last Updated:May 13, 2025, 10:40 ISTBahraich News: बहराइच का गांधी भवन 1948 में निर्मित हुआ. इसे सीमेंट नहीं, बल्कि जानवरों की हड्डियां, उड़द की दाल समेत कई चीजों को मिलाकर बनाया गया है. यहां एक गुप्त तहखाना भी है. जिसमें कई राज दफन हैं. यहां वर्त…और पढ़ेंX

आज भी मौजूद है बहराइच की इस ईमारत में तहखाना!हाइलाइट्सगांधी भवन 1948 में निर्मित हुआ था.इमारत में सीमेंट की जगह उड़द दाल और हड्डियों का उपयोग हुआ.गुप्त तहखाना में कई राज दफन हैं.

बहराइच: बहराइच की एक इमारत अपने अंदर कई राज समेटे हुए है. हम बात कर रहे हैं बहराइच शहर में साल 1948 में निर्मित गांधी भवन की. जानकार बताते हैं कि यहां आज भी गुप्त तहखाना मौजूद है. तहखाना का इस्तेमाल पहले किया जाता था, जिसका गुप्त मार्ग सालों से बंद है, लेकिन ऐसी आशंका जताई जा रही है कि भविष्य में इस तहखाना को खोलने की तैयारी की जा रही है. यह तहखाना खुलने पर खुल सकते हैं अनेकों दफन राज.

इस इमारत के निर्माण में सीमेंट नहीं बल्कि किया गया है इन चीजों का प्रयोग!

जानकार बताते हैं इस इमारत का निर्माण पूर्व में रह चुके चरदा के एमएलए हमीदुल्लाह खान के ईंट भट्टे के ईंट से कराया गया था. इन ईंटो को जोड़ने के लिए प्राचीन काल से चली आ रही तकनीक का इस्तेमाल किया गया था, जिनको उड़द की दाल और बेल के मिश्रण का मसाला बनाकर जोड़ा गया था.

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जब सीमेंट नहीं था तब कैसे बनते थे भवन

पहले इमारतों के निर्माण में पत्थरों को जोड़ने के लिए विभिन्न प्राकृतिक सामग्रियों का उपयोग किया जाता था, जैसे कि चूना, जानवरों की हड्डियां, उड़द दाल का पेस्ट, गोंद, चिकनी मिट्टी समेत कई चीजों का उपयोग होता था. इन सामग्रियों को मिलाकर एक खास तरह का मसाला बनाया जाता था जो समय के साथ मजबूत हो जाता था. इस मसाले की बनी हुई इमारतें आज भी सीना ताने यूपी के तमाम राज्यों में खड़ी हैं.

जिले की धरोहर महात्मा गांधी कांग्रेस भवन!

जिले में स्थित अनेकों इमारत में से यह इमारत भी एक है, जो बेहद खास है. जहां से आजादी की लड़ाई को लेकर सेनानियों ने यहीं से आवाज उठाकर आजादी में अपना योगदान दिया था. यह भवन शहर के बीचांे-बीच स्टील गंज तालाब मोहल्ला मेवाती पूरे में स्थित है. जब इस भवन का निर्माण हुआ तब आसपास कोई दुकान और मकान नहीं थे. आज यह भवन चारों ओर से दुकान और मकानों से घिर गया है. कांग्रेस भवन होने की वजह से यहां पर अब कांग्रेसियों का अधिकार है और आए दिन यहां पर कांग्रेस के लोग बैठकें करते रहते हैं. वर्तमान में बहराइच कांग्रेस जिला अध्यक्ष शिवेंद्र प्रताप सिंह की देखरेख में यह कांग्रेस भवन चल रहा है. जिन्होंने ही गुप्त तहखाना की जानकारी लोकल 18 से खास बातचीत में साझा की.
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