Uttar Pradesh

GK: यूपी में यहां कभी उठती थी समुद्र की लहरें, आज है दुनिया का सबसे बड़ा जीवाश्म पार्क, करोड़ों साल पुराना है इतिहास

Last Updated:May 04, 2025, 08:41 ISTGeneral Knowledge: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के सलखन गांव में 150 करोड़ साल पुराने जीवाश्म मिले हैं. यह पार्क 24 हेक्टेयर में फैला है और अमेरिका के यलो स्टोन पार्क से भी बड़ा है.X

करोड़ों वर्ष पुराना है इस पार्क का इतिहास, सुविधाओं का टोटा हाइलाइट्ससोनभद्र में 150 करोड़ साल पुराने जीवाश्म मिले.सलखन गांव में दुनिया का सबसे बड़ा जीवाश्म पार्क है.पार्क 24 हेक्टेयर में फैला और यलो स्टोन पार्क से बड़ा है.
सोनभद्र: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में सलखन गांव में 150 करोड़ साल पहले के जीवाश्म मिले हैं. यह जगह जिला मुख्यालय से सिर्फ 15 किमी दूर वाराणसी-शक्तिनगर राजमार्ग पर है. बताया जाता है कि यह दुनिया का सबसे बड़ा फासिल्स (जीवाश्म) पार्क है, जो तकरीबन 24 हेक्टेयर में फैला है. यह फासिल्स पार्क अमेरिका के यलो स्टोन पार्क से भी बड़ा बताया जाता है. करोड़ों साल पुराने इस जीवाश्म की खोज सबसे पहले 1933 में जियोलॉजिकल सर्वे आफ इंडिया ने की थी. इस अनमोल धरोहर के इतिहास को दुनिया के कई वैज्ञानिक प्रमाणित कर चुके हैं.

दुनिया भर में प्राचीनतम सलखन फासिल्स पार्क ने जिले को अनमोल भू-वैज्ञानिक धरोहर से समृद्ध बनाया है. जीवन के सृजन की शुरुआत के साक्षी बने इन जीवाश्मों ने इस तथ्य पर मुहर लगाई है, जहां 150 करोड़ साल पहले यहां समुद्र की लहरें हिलोरें मारा करती थीं. यहां प्राचीनतम जीवाश्मों का भंडार है. इस सलखन जीवाश्म पार्क में एलगल स्ट्रोमैटोलाइट्स प्रकार के जीवाश्म पाए जाते हैं, जो पृथ्वी पर पाए जाने वाले प्राचीनतम जीवाश्मों का प्रतिनिधित्व करते हैं. इस प्रकार के जीवाश्मों का निर्माण आमतौर से नील-हरित शैवाल समूह के सूक्ष्मजीवों द्वारा अवसाद कणों को आपस में जोड़ने के कारण होता है. नील हरित शैवालों की कोशिकाओं के बाहर म्यूसिलेज की चिपचिपी परत होती है, जो अवसाद कणों को आपस में बांधती है. इससे स्ट्रोमैटोलाइट जीवाश्म का निर्माण होता है. नील हरित शैवाल पृथ्वी पर जीवन के विकास के प्रारम्भिक रूप का प्रतिनिधित्व करते हैं.

वहीं गुप्तकाशी सेवा ट्रस्ट के संस्थापक रवि प्रकाश चौबे ने बताया कि यह पार्क आज भी दुनिया के सबसे बड़े पार्क से जाना जाता है, किंतु इसके संरक्षण और सुविधाओं को लेकर कोई खास पहल नहीं हुई. नतीजन अपने उस सम्मान को नहीं पा सका, जो इसका हकदार था. अगर सुविधाओं में इजाफा कर दिया जाए तो पूरी दुनिया के बेहतर पर्यटन स्थलों में इसका नाम गिना जाएगा.
Location :Sonbhadra,Uttar PradeshhomeknowledgeUP में यहां कभी उठती थी समुद्र की लहरें, आज है दुनिया का सबसे बड़ा फॉसिल पार्क

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