आजकल की तेज-रफ्तार जिंदगी में लोग अपने रूटीन में तनाव और गुस्से का सामना कर रहे हैं. कभी काम का दबाव, कभी परिवारिक समस्याएं या फिर सामाजिक रिश्तों में उतार-चढ़ाव, इन सबके कारण गुस्सा आना एक सामान्य बात बन गई है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि बार-बार गुस्सा आने से आपका दिल गंभीर रूप से प्रभावित हो सकता है? डॉक्टरों का मानना है कि गुस्सा दिल की सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है, और यह दिल के दौरे के खतरे को बढ़ा सकता है.
गुस्से के दौरान शरीर में एड्रेनालिन और कोर्टिसोल जैसे हार्मोन का लेवल अचानक बढ़ जाता है. ये हार्मोन ब्लड प्रेशर और दिल धड़कने की गति को बढ़ा देते हैं, जिससे दिल पर ज्यादा दबाव पड़ता है. लगातार गुस्सा करने से यह दबाव समय के साथ बढ़ता है और दिल की नसों में सूजन, ब्लॉकेज या रुकावट की संभावना पैदा हो सकती है. इसके परिणामस्वरूप दिल का दौरा या अन्य दिल की बीमारी हो सकती हैं.
डॉक्टरों की चेतावनीडॉक्टरों के अनुसार, गुस्सा केवल मानसिक स्थिति नहीं बल्कि शारीरिक प्रभाव भी डालता है. जब गुस्सा आता है, तो ब्लड प्रेशर और दिल धड़कने की गति बढ़ जाती है, जिससे खून के थक्के बनने की संभावना भी बढ़ जाती है. इसके अलावा, लगातार गुस्से से दिल की मसल्स पर ज्यादा दबाव पड़ता है, जिससे दिल की कार्यक्षमता पर असर पड़ता है.
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आपको बार-बार गुस्सा आता है, तो आपको अपनी मानसिक स्थिति पर ध्यान देना चाहिए. गुस्से को नियंत्रित करना और तनाव को कम करने के लिए योग, ध्यान और नियमित व्यायाम जैसे उपायों को अपनाना चाहिए.
गुस्से को कंट्रोल करने के उपाय* मानसिक शांति पाने के लिए योग और ध्यान सबसे प्रभावी उपाय हैं. यह शरीर और मन दोनों को शांत रखने में मदद करता है.* हर परिस्थिति को पॉजिटिव रूप से देखना और गुस्से को पॉजिटिव तरीके से व्यक्त करना दिल और शरीर दोनों के लिए लाभकारी है.* नियमित व्यायाम से शरीर में एंडोर्फिन जैसे हैप्पी हार्मोन का उत्पादन बढ़ता है, जो तनाव और गुस्से को कम करता है.
Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. आप कहीं भी कुछ भी अपनी सेहत से जुड़ा पढ़ें तो उसे अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
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