Uttar Pradesh

Banke Bihari Mandir: साल में सिर्फ एक दिन ही क्यों होते हैं बांके बिहारी के चरण दर्शन? जानिए क्या है मान्यता

Last Updated:April 26, 2025, 12:11 ISTBanke Bihari Mandir: बांके बिहारी मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के चरणों के दर्शन सिर्फ अक्षय तृतीया पर होते हैं. स्वामी हरिदास जी की भक्ति से जुड़ी यह परंपरा 500 साल पुरानी है.X

बांके बिहारी जी, मथुराहाइलाइट्सभगवान बांके बिहारी के चरण दर्शन सिर्फ अक्षय तृतीया पर होते हैं.स्वामी हरिदास जी की भक्ति से जुड़ी परंपरा 500 साल पुरानी है.अक्षय तृतीया पर बांके बिहारी के दर्शन से बद्रीनाथ तीर्थ का पुण्य मिलता है.मथुरा: अगर आप भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए वृंदावन जाते हैं, तो बांके बिहारी मंदिर जरूर जाते होंगे. लेकिन क्या आप जानते हैं कि बांके बिहारी जी के चरणों के दर्शन साल में सिर्फ एक बार ही होते हैं? और ये मौका आता है सिर्फ अक्षय तृतीया के दिन. भक्तों की आस्था और भीड़ इस दिन सुबह से ही मंदिर में उमड़ पड़ती है.

जानिए क्या है मान्यता?कहानी करीब 500 साल पुरानी है. निधिवन में तपस्या कर रहे स्वामी हरिदास जी की भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान स्वयं उनके सामने प्रकट हुए. स्वामी जी हर रोज ठाकुर जी की सेवा करते थे, लेकिन एक समय ऐसा आया जब उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा. उसी दौरान जब वह एक सुबह उठे, तो उन्होंने भगवान के चरणों के पास एक स्वर्ण मुद्रा पाई.स्वामी जी ने उस स्वर्ण मुद्रा से ठाकुर जी की सेवा और भोग का इंतज़ाम किया. जब भी स्वामी जी को पैसों की किल्लत होती, तो भगवान के चरणों से उन्हें स्वर्ण मुद्रा मिल जाती. यही वजह है कि स्वामी जी ने भगवान के चरणों को ढक दिया, ताकि लोग उन मुद्रा की ओर आकर्षित न हों.

साल में सिर्फ एक दिन होते हैं चरण दर्शनधार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान के चरण पूरे साल नहीं दिखाए जाते. केवल अक्षय तृतीया के दिन ही भक्तों को उनके चरणों के दर्शन होते हैं. इस दिन उनके पैरों में पाजेब पहनाई जाती है, चंदन के गोले रखे जाते हैं और पूरे शरीर पर चंदन का लेप किया जाता है.मान्यता यह भी है कि स्वामी हरिदास ने भीषण गर्मी से ठाकुर जी को बचाने के लिए चंदन का लेप किया था, तभी से यह परंपरा आज भी जारी है.

क्यों है इतना शुभ यह दिन?अक्षय तृतीया के दिन जो पुण्य बद्रीनाथ जैसे तीर्थों में जाकर मिलता है, वही पुण्य बांके बिहारी जी के दर्शन से भी मिलता है. इस दिन किया गया कोई भी शुभ कार्य – जैसे दान देना या सोना खरीदना कभी नष्ट नहीं होता, बल्कि हमेशा बढ़ता है.सोना खरीदना इस दिन खास तौर से शुभ माना जाता है. ज्वेलर्स इस दिन पर खास ऑफ़र देते हैं और मान्यता है कि आज खरीदी गई सोने की वस्तुएं कभी भी नष्ट नहीं होतीं, बल्कि वे बढ़ती रहती हैं.

शादी के लिए भी है खास मुहूर्तबांके बिहारी मंदिर के सेवायत श्रीनाथ उर्फ शालू गोस्वामी के अनुसार, साल में 4 विशेष मुहूर्त होते हैं. जिन लोगों की शादी में बाधा आ रही हो या शुभ मुहूर्त नहीं निकल पा रहा हो, वे अक्षय तृतीया के दिन विवाह कर सकते हैं. यह दिन शादी के लिए बेहद शुभ माना जाता है और इससे विवाह संबंधी समस्याएं दूर हो जाती हैं.
Location :Mathura,Uttar PradeshFirst Published :April 26, 2025, 12:11 ISThomedharmसाल में सिर्फ एक दिन ही क्यों होते हैं बांके बिहारी के चरण दर्शन? जानिए..

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