अगर आप टॉयलेट सीट से उठते ही अचानक पैरों में सुन्नता या झुनझुनाहट महसूस करते हैं, तो इसे हल्के में लेना खतरे से खाली नहीं है. यह समस्या भले ही आम लगे, लेकिन यह सिरियस न्यूरोलॉजिकल या ऑर्थोपेडिक कंडीशन का संकेत हो सकती है. लंबे समय तक इस लक्षण को नजरअंदाज करना भविष्य में बड़ी बीमारियों की वजह बन सकता है.
टॉयलेट सीट पर ज्यादा देर तक बैठे रहने से पेल्विक एरिया में ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है. इससे नसों पर दबाव पड़ता है, खासकर साइएटिक नर्व पर, जो रीढ़ की हड्डी से शुरू होकर पैरों तक जाती है. जब इस नस पर दबाव पड़ता है, तो पैरों में सुन्नता, झुनझुनाहट या चुभन जैसा एहसास होने लगता है. आमतौर पर यह अस्थायी होता है, लेकिन अगर यह बार-बार हो रहा है या लंबे समय तक बना रहता है, तो यह किसी गंभीर बीमारी की ओर इशारा कर सकता है.
किस बीमारी का संकेत हो सकता है ये लक्षण?
1. साइएटिका: यह स्थिति तब होती है जब स्पाइनल डिस्क से जुड़ी कोई समस्या साइएटिक नर्व पर दबाव बनाती है. इसमें पैरों में सुन्नता, दर्द और कमजोरी महसूस होती है.
2. डिस्क स्लिप या स्पाइनल स्टेनोसिस: रीढ़ की हड्डी में किसी तरह का दबाव नसों को प्रभावित करता है, जिससे चलने-फिरने में परेशानी हो सकती है.
3. डायबिटिक न्यूरोपैथी: लंबे समय तक शुगर लेवल कंट्रोल में न रहने पर नसें कमजोर हो जाती हैं, जिससे सुन्नता जैसी समस्या होती है.
4. पेरिफेरल न्यूरोपैथी: यह स्थिति नसों की डैमेज के कारण होती है, जो कि विटामिन बी12 की कमी, शराब ज्यादा पीना या ऑटोइम्यून डिसऑर्डर से हो सकती है.
क्या करें और कब सतर्क हों?अगर यह समस्या कभी-कभार हो तो घबराने की जरूरत नहीं, लेकिन बार-बार हो रही हो या सुन्नता ज्यादा देर तक बनी रहती हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.* नियमित व्यायाम करें और लंबे समय तक एक ही पोजिशन में न बैठें.* विटामिन बी12 और मैग्नीशियम का टेस्ट करवाएं.* डायबिटीज मरीज विशेष रूप से ध्यान रखें और अपने ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखें.
Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. आप कहीं भी कुछ भी अपनी सेहत से जुड़ा पढ़ें तो उसे अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
Pavan K. Varma | Did Assam CM Overreact To Criticism From Oppn. Leader?
It is a measure of how far we have drifted from the moral and constitutional compass of our…

