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cervical cancer 5 signs to watch out after menarche can be start of cancerous tumor in uterus lower part | मां बनने वाली उम्र में दिख रहे ये 5 संकेत, तो समझें बच्चेदानी के निचले हिस्से में बना रहा कैंसर ट्यूमर



सर्वाइकल कैंसर बच्चेदानी के निचले हिस्से सर्विक्स में होने वाला कैंसर है. हर साल लगभग 3 लाख 42 हजार महिलाओं की मौत इस कैंसर के कारण होती है. यह महिलाओं में होने वाला चौथा सबसे ज्यादा होने वाला कैंसर है. हालांकि यह कैंसर पूरी तरह से बचने योग्य और उपचार योग्य होता है, लेकिन फिर भी हर साल दुनियाभर में इससे महिलाओं की मौत होती है. 
ऐसे में जरूरी है कि इसके लक्षणों के बारे में आपको जानकारी हो, ताकि वक्त पर आप डॉक्टर से परामर्श कर सके. यहां हम आपको सर्वाइकल कैंसर के शुरुआती स्टेज की ओर इशारा करने वाले संकेतों के बारे में बता रहे हैं. ध्यान रखें इस कैंसर का जोखिम पीरियड्स शुरू होने के बाद बढ़ता है.
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कैसे होता है सर्वाइकल कैंसर 
गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर आमतौर पर ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी) के लगातार होने वाले इंफेक्शन से होता है. हालांकि अधिकांश एचपीवी इंफेक्शन अपने आप ठीक हो जाते हैं. लेकिन इसके कुछ हाई रिस्क वाले स्ट्रेन के सर्विक्स में रह जाने के कारण कैंसर के ट्यूमर बन सकते हैं. 
सर्वाइकल कैंसर के लक्षण
– पीरियड्स के बीच, सेक्स या मेनोपॉज के बाद ब्लीडिंग होना सर्विक्स में गड़बड़ी या कैंसर का सबसे पहला और सबसे अधिक ध्यान देने योग्य लक्षण होता है.
– एक अजीब डिस्चार्ज जो पानी जैसा हो, जिसमें तेज गंध हो या जिसमें ब्लड हो बच्चेदानी या उसके आसपास के हिस्से में संक्रमण या घातक बीमारी का संकेत हो सकता है.
– लगातार बिना किसी कारण के पेल्विक दर्द जो पीरियड्स में ऐंठन से जुड़ा नहीं है, सर्विक्स से संबंधित किसी बीमारी का संकेत हो सकता है. इसमें कैंसर भी शामिल है. 
– सेक्स के दौरान दर्द जिसे डिस्पेरुनिया के रूप में भी जाना जाता है, यह ट्यूमर या गर्भाशय ग्रीवा की सूजन के कारण हो सकता है.
– पेशाब के दौरान दर्द, जलन या बेचैनी तब हो सकती है जब कैंसर मूत्राशय सहित आस-पास के टिश्यू में फैल जाता है. बार-बार पेशाब पेशाब आना भी इसका एक संकेत है. 
इन लक्षणों को भी न करें इग्नोर
अचानक वजन में गिरावटपैर में सूजनकमर में दर्दप्लेविक एग्जामिनेशन के बाद ब्लीडिंग
कैंसर का रिस्क फैक्टर
कई कारक गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर के विकास के जोखिम को बढ़ा सकते हैं. इसमें मल्टीपल सेक्स पार्टनर की हिस्ट्री, धूम्रपान, कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली और कुछ हार्मोनल गर्भ निरोधकों का दीर्घकालिक उपयोग शामिल हैं.
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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. इसे अपनाने से पहले चिकित्सीय सलाह जरूर लें. ZEE NEWS इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
 
 



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