02 यह वृक्ष 20 मीटर तक ऊंचा हो सकता है और इसमें चमकदार, हरे पत्तों की घनी, गोल छतरी होती है. इसे संस्कृत में पुत्रंजीव, गर्भकर, कुमारजीव आदि नामों से भी जाना जाता है. इसको लगाने से पर्यावरण शुद्ध होता है तो वहीं घर में छाया भी रहती है.
युवकों ने पुलिस कांस्टेबल को सबके सामने हरा दिया, उसे पीटा और गाली दी
चिक्काबल्लापुर के बाहरी इलाके में स्थित नागार्जुन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के कुछ युवाओं ने शुक्रवार को दोपहर 12…

