पशुपालकों को गर्मी के दिनों में हरे चारे की कमी होने लगती है, जिससे उनके दुग्ध उत्पादन में कमी आती है. ऐसे में गर्मियों के मौसम में किसानों को अपने पशुओं को हरे चारे के रूप बरसीम और ज्वार-बाजरा खिलाना चाहिए. इससे दूध उत्पादन में भी कमी नहीं होगी और पशुओं को कोई बीमारी भी नहीं होगी. गर्मियों के मौसम में पशुओं को दिन में करीब तीन बार पानी पिलाना चाहिए.
आंध्र प्रदेश ग्रामीण विकास के लिए राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त करता है, कहते हैं चंद्रबाबू नायडू
विजयवाड़ा: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने रविवार को कहा कि गठबंधन सरकार के ग्रामीण क्षेत्रों…

