Uttar Pradesh

आगरा का कालीबाड़ी मंदिर: धार्मिकता और इतिहास का संगम

Last Updated:April 05, 2025, 13:05 ISTआगरा का 200 साल पुराना कालीबाड़ी मंदिर आस्था, इतिहास और चमत्कारों का संगम है. मां काली के चरणों में स्थापित घट का पानी आज तक खराब नहीं हुआ, जिससे यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए एक विशेष आकर्षण बना हुआ है.
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काली मांआगरा- यमुना नदी के तट पर स्थित कालीबाड़ी मंदिर, आगरा न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि एक ऐतिहासिक धरोहर भी है. यह मंदिर करीब 200 वर्ष पुराना है और ऐसा माना जाता है कि इसकी स्थापना आगरा में बसे बंगाली समुदाय द्वारा की गई थी. यह शहर का इकलौता काली माता का मंदिर है, जिससे कई चमत्कारी घटनाएं भी जुड़ी हैं.

पानी जो कभी खराब नहीं होता!मंदिर में एक विशेष घट (मटका) स्थापित है, जिसके बारे में पुजारी संतोष जी बताते हैं कि यह मंदिर की स्थापना के समय प्राप्त हुआ था. आश्चर्यजनक बात यह है कि घट में रखा पानी आज तक खराब नहीं हुआ. यह घट देवी मां के चरणों में स्थापित है और श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है.

एक स्वप्न से मिली प्रेरणा और हुई स्थापनामंदिर के इतिहास के बारे में ENT सर्जन डॉ. ए.के. भट्टाचार्य बताते हैं कि इस मंदिर की स्थापना उनके पूर्वज स्वर्गीय द्वारकानाथ भट्टाचार्य ने की थी. बंगाल में प्लेग महामारी के दौरान वे आगरा आए और यमुना किनारे बस गए. उस समय अंग्रेजों द्वारा एक पुराना मंदिर तुड़वाया जा चुका था. एक रात मां काली ने स्वप्न में दर्शन देकर यमुना किनारे अपने होने का संकेत दिया, जिसके बाद उन्होंने मां की मूर्ति और घट के साथ वर्तमान स्थान पर मंदिर की नींव रखी.

धार्मिकता और इतिहास का अद्वितीय संगमकालीबाड़ी मंदिर सिर्फ पूजा का स्थान नहीं, बल्कि यह इतिहास, संस्कृति और चमत्कारों से जुड़ा जीवित प्रतीक है. नवरात्रि के समय यहां विशेष पूजा अर्चना होती है और शनिवार को भक्तों की भारी भीड़ जुटती है. यह मंदिर आज भी आगरा के धार्मिक और सांस्कृतिक नक्शे पर एक अनोखी पहचान रखता है.
Location :Agra,Uttar PradeshFirst Published :April 05, 2025, 13:05 ISThomeuttar-pradesh200 साल से नहीं सड़ा ये पानी! आगरा के कालीबाड़ी मंदिर का रहस्य आपको चौंका देगा

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