रक्तदान को जीवनदान माना जाता है. इसे लेकर अक्सर कहा जाता है कि हर हेल्दी व्यक्ति को समय-समय पर रक्तदान करना चाहिए, ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर खून मिल सके. कई लोग नियमित रूप से रक्तदान करते हैं, लेकिन क्या यह हर महीने किया जा सकता है? या फिर साल में कुछ ही बार? यह सवाल अक्सर लोगों के मन में उठता है कि एक शख्स कितनी बार रक्तदान कर सकता है और किन लोगों को इससे बचना चाहिए? इस विषय पर विशेषज्ञों की राय जानना बेहद जरूरी है.
डॉक्टरों का कहना है कि रक्तदान करने से शरीर को नुकसान नहीं होता, बल्कि इसके कई हेल्थ बेनिफिट्स भी हैं. शरीर में आयरन का बैलेंस बना रहता है, जिससे दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है. साथ ही, नया खून बनने की प्रक्रिया तेज होती है, जिससे खून की क्वालिटी में सुधार होता है. लेकिन यह भी जरूरी है कि रक्तदान की सही सीमा का पालन किया जाए.
साल में कितनी बार कर सकते हैं रक्तदान?सर गंगा राम अस्पताल (नई दिल्ली) में प्रिवेंटिव हेल्थ एंड वेलनेस डिपार्टमेंट की डायरेक्टर डॉ. सोनिया रावत ने बताया कि एक हेल्दी व्यक्ति हर आठ हफ्ते में यानी करीब दो महीने में एक बार रक्तदान कर सकता है. यानी साल में चार से छह बार रक्तदान किया जा सकता है. हालांकि, यह केवल हेल्दी लोगों के लिए मान्य है. अगर किसी व्यक्ति को कोई संक्रमण या स्वास्थ्य समस्या हो, तो रक्तदान करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी होता है.
किन लोगों को रक्तदान नहीं करना चाहिए?हालांकि रक्तदान करना एक नेक काम है, लेकिन कुछ लोगों को इसे करने से बचना चाहिए. डॉक्टरों के अनुसार, ये लोग रक्तदान करने से बचें-* गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं* जिनका हीमोग्लोबिन या आयरन लेवल कम हो* जो हाल ही में किसी बड़ी सर्जरी या बीमारी से उबरे हों* दिल की बीमारी, हाई ब्लड प्रेशर या डायबिटीज से पीड़ित लोग (डॉक्टर की सलाह जरूरी)* जो लोग हेपेटाइटिस, एचआईवी, सिफलिस जैसी संक्रामक बीमारियों से ग्रसित हैं* नशे या ज्यादा शराब पीने वाले लोग
Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. आप कहीं भी कुछ भी अपनी सेहत से जुड़ा पढ़ें तो उसे अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
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