भारत में डायबिटीज और मोटापे की महामारी तेजी से बढ़ रही है. लगभग 101 मिलियन भारतीय डायबिटीज और आधे से ज्यादा लोग हाई शुगर का सामना कर रहे हैं. वहीं, लगभग 100 मिलियन वयस्क मोटापे का शिकार हैं, जो हार्ट डिजीज, हाई बीपी और नींद न आने जैसी 200 से अधिक स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़े हैं.
ऐसे में अमेरिकन फार्मा कंपनी Eli Lilly द्वारा भारत में लॉन्च की गयी मोंजारो (Tirzepatide) नामक दवा आशा की किरण की तरह है. कंपनी का दावा है कि यह न सिर्फ डायबिटीज को नियंत्रित करने में मदद करती है, बल्कि वजन घटाने में भी कारगर साबित होती है. लेकिन यह दवा वास्तव में कितनी पावरफुल साबित हो सकती है इसे समझने के लिए इस लेख को आखिरी तक जरूर पढ़ें-
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कैसे काम करता है मोंजारो
डॉ. मोनिका महाजन, निदेशक-आंतरिक चिकित्सा, मैक्स हेल्थकेयर ने एक मीडिया साइट को बताया कि यह दवा वजन घटाने और बेहतर तरह से शुगर को कंट्रोल करने में कारगर साबित हो सकती है. दरअसल, मोंजारो (Tirzepatide) हफ्ते में एक बार दी जाने वाली इंजेक्शन है, जो शरीर में GIP और GLP-1 दो जरूरी हार्मोन की नकल करता है. यह हार्मोन इंसुलिन के रिलीज को बढ़ाता है और जिससे पेट थोड़ा लंबे समय तक भरा हुआ महसूस करता है और भूख कम होती है. इससे वजन घटाने और शुगर कंट्रोल करने में मदद मिलती है.
मोंजारो की कीमत और सेवन
मोंजारो की शुरुआत 2.5 मिलीग्राम डोज से होती है और इसकी एक इंजेक्शन की कीमत 3,500 रुपये है, जबकि 5 मिलीग्राम की इंजेक्शन की कीमत 4,375 रुपये है. यह दवा केवल चिकित्सक की सलाह पर ही ली जानी चाहिए.
किसके लिए फायदेमंद मोंजारो दवा?
यह दवा मुख्य रूप से उन व्यक्तियों के लिए है जो मोटापे से पीड़ित हैं और जिनका बॉडी मास इंडेक्स (BMI) 30 से अधिक है, या वे लोग जो वजन से संबंधित समस्याओं जैसे डायबिटीज और हार्ट डिजीज के साथ ओवरवेट हैं (BMI 25-29).
इन लोगों के लिए नहीं ये वेट लॉस दवा
मोंजारो का सेवन हर व्यक्ति के लिए सेफ साबित नहीं है. यह उन व्यक्तियों को नहीं दिया जाएगा जिनके परिवार में मेडुलरी थायराइड कार्सिनोमा या मल्टीपल एंडोक्राइन नियोप्लेसिया जैसे थायराइड कैंसर के लक्षण हों. इसके अलावा, अगर किसी को दवा से एलर्जी हो या उनके पास दीर्घकालिक डायबिटीज और पाचन संबंधित समस्याएं हों, तो उन्हें यह दवा लेने से बचना चाहिए.
शोध में क्या आया परिणाम
इस दवा के प्रभाव को स्थापित करने के लिए कई अंतरराष्ट्रीय क्लिनिकल ट्रायल्स किए गए हैं, जिनमें भारत के प्रतिभागी भी शामिल थे. स्टडी में 2,539 मोटे और वजन संबंधित समस्याओं वाले व्यक्तियों को शामिल किया गया. इसमें पाया गया कि 5 मिलीग्राम डोज लेने वाले लोग औसतन 72 हफ्तों में 15% वजन घटाते हैं, जबकि 10 मिलीग्राम डोज लेने वालों ने 19.5% और 15 मिलीग्राम डोज लेने वालों ने 20.9% वजन घटाया. ट्रायल में भी यह पाया गया कि मोंजारो वजन घटाने में सेमैग्लूटाइड (सेमाग्लूटाइड) से अधिक प्रभावी था.
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Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों की मदद ली है. आप कहीं भी कुछ भी अपनी सेहत से जुड़ा पढ़ें तो उसे अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
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