यदि आप लंबे समय तक जीने की कामना रखते हैं, तो इसके लिए आपको सिर्फ 30 मिनट का समय निकालना है. 2017 में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, अधिक शारीरिक गतिविधि करने से बायोलॉजिकल उम्र में 9 साल का फायदा मिल सकता है. यह स्टडी ब्रिघम यंग यूनिवर्सिटी द्वारा किया गया था. इसमें यह भी बताया गया कि जॉगिंग लंबे जीवन के एक बेहतरीन एक्सरसाइज साबित हो सकती है.
लैरी टकर, इस अध्ययन के लेखक ने कहा कि अगर आप 40 साल के हैं, तो इसका मतलब यह नहीं कि आप बायोलॉजिकल रूप से 40 साल के हैं. हम सभी ऐसे लोगों को जानते हैं जो अपनी असल उम्र से कहीं ज्यादा जवान लगते हैं. इसका कारण है फिजिकल एक्टिविटी. व्यक्ति जितना अधिक शारीरिक रूप से सक्रिय रहते हैं, उतना कम बायोलॉजिकल एजिंग होता है.
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एक्सरसाइज से लंबी होती है टेलोमेरेस की लंबाई
टेलोमेरेस हमारे क्रोमोसोम्स के न्यूक्लियोटाइड एंड कैप्स होते हैं, जो हमारे बायोलॉजिकल क्लॉक की तरह होते हैं. जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, टेलोमेरेस छोटी होती जाती है. जब कोई कोशिका विभाजित होती है, तो थोड़ी मात्रा में टेलोमेरेस की लंबाई कम हो जाती है. शारीरिक रूप से सक्रिय लोगों के पास लंबी टेलोमेरेस होती है, जबकि जो लोग आलसी रहते हैं, उनके पास छोटी टेलोमेरेस होती है जो बायोलॉजिकल एजिंग को बढ़ाता है.
कोशिकाओं की उम्र और शरीर की उम्र में अंतर
कोशिकाओं की उम्र धीरे-धीरे घटती है. यह डीएनए डैमेज ऑक्सीडेटिव तनाव और टेलोमेरेस के सिकुड़ने के कारण होती है, जिससे शरीर की कोशिकाओं का कार्य बिगड़ने लगता है. यही कोशिकाओं की उम्र बढ़ती उम्र की ओर इशारा करती है. दूसरी ओर, शारीरिक उम्र में बाहरी और आंतरिक बदलाव आते हैं, जैसे झुर्रियां, सफेद बाल और अंगों की कार्यक्षमता में कमी.
कितने देर एक्सरसाइज जरूरी
शारीरिक रूप से सक्रिय रहने के लिए महिलाओं को सप्ताह में पांच दिन, रोज 30 मिनट जॉगिंग करनी चाहिए, वहीं पुरुषों को 40 मिनट तक जॉगिंग करनी चाहिए. इसके अलावा, हर हफ्ते कम से कम 30 से 40 मिनट की दौड़ करनी चाहिए, ताकि शरीर में बायोलॉजिकल एजिंग को रोका जा सके.
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