प्रकृति के खजाने में कुछ ऐसे अनमोल रत्न छिपे हैं, जिनके बारे में सुनकर आप हैरान रह जाएंगे. ऐसा ही एक चमत्कारी फल है हरा कांटेदार फल, जिसे दुनिया भर में कैंसर के खिलाफ एक शक्तिशाली हथियार के रूप में देखा जा रहा है. इसका नाम है ‘सॉरसॉप’ या ‘ग्रेवियोला’, जिसे हिंदी में लक्ष्मण फल या हनुमान फल के नाम से भी जाना जाता है. बाहर से कांटेदार और हरे रंग का यह फल भले ही सख्त दिखे, लेकिन अंदर से यह नरम, रसीला और सेहत के लिए अनमोल गुणों से भरा हुआ है. वैज्ञानिकों का मानना है कि इसके पत्ते, फल और बीज कैंसर जैसी घातक बीमारी से लड़ने की अद्भुत क्षमता रखते हैं.
मध्य और दक्षिण अमेरिका में पारंपरिक चिकित्सा का हिस्सा रहा यह फल अब अपनी कथित चमत्कारी शक्तियों के लिए सुर्खियों में है. कैंसर से लड़ने से लेकर बैक्टीरिया को खत्म करने तक, सॉरसॉप के फायदे गिनाने लगें तो शायद जगह कम पड़ जाए. लेकिन क्या वाकई यह फल इतना असरदार है? आइए, इसके पीछे की सच्चाई और विज्ञान को समझें.
सॉरसॉप में पोषणसॉरसॉप का स्वाद स्ट्रॉबेरी और केले के मिश्रण जैसा होता है और इसका गूदा बेहद क्रीमी होता है. पोषण के लिहाज से एक कप सॉरसॉप में 148 कैलोरी, 7.42 ग्राम फाइबर और 37.8 ग्राम कार्बोहाइड्रेट होता है. यह विटामिन सी, पोटैशियम, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर है. कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स होने के कारण यह डायबिटीज के मरीजों के लिए भी फायदेमंद है. पारंपरिक रूप से इसका उपयोग पेट की बीमारियों, बुखार, परजीवी संक्रमण और हाइपरटेंशन जैसी समस्याओं के इलाज में किया जाता रहा है.
कैंसर से लड़ाई में सॉरसॉप को लेकर कई दावे किए जाते हैं. जर्नल ऑफ मेडिसिनल केमिस्ट्री में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि सॉरसॉप के यौगिक ब्रेस्ट कैंसर सेल्स को नष्ट करने में कीमोथेरेपी से भी ज्यादा प्रभावी हो सकते हैं. 2016 में ‘साइंटिफिक रिपोर्ट्स’ में प्रकाशित एक शोध ने प्रोस्टेट कैंसर पर इसके असर को दिखाया, हालांकि यह अध्ययन चूहों पर किया गया था. 2024 की एक समीक्षा में कहा गया कि सॉरसॉप के अर्क में कैंसर सेल्स को मारने की क्षमता है, साथ ही यह सूजन को भी कम करता है. इसमें मौजूद ऐसीटोजेनिन, अल्कलॉइड्स और फ्लेवोनोइड्स जैसे यौगिक कैंसर को रोकने में मददगार हो सकते हैं.
सॉरसॉप के साइड इफैक्टहालांकि, सॉरसॉप के कुछ जोखिम भी हैं. 2022 के एक अध्ययन में चेतावनी दी गई कि इसमें मौजूद ऐसीटोजेनिन की अधिक मात्रा न्यूरोटॉक्सिक हो सकती है और पार्किंसन जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ा सकती है. वैज्ञानिकों का कहना है कि इसके पूरे फायदे और नुकसान को समझने के लिए और शोध जरूरी है. सॉरसॉप को डाइट में शामिल करना आसान है. इसे ताजा खाएं, स्मूदी में डालें, चाय बनाएं या जूस के रूप में पिएं. एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर यह फल बैक्टीरियल इन्फेक्शन से भी बचाता है और डायबिटीज को कंट्रोल करता है.
Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. आप कहीं भी कुछ भी अपनी सेहत से जुड़ा पढ़ें तो उसे अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
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