Uttar Pradesh

पूर्वांचल का चोटी कांड, कृष्णानंद राय की हत्या की कहानी, मुख्तार ने कहा था- मुनवा चुटिया काट लिया

Last Updated:February 24, 2025, 14:19 ISTMukhtar Ansari News: बाहुबली और माफिया मुख्तार अंसारी के किस्से आम हैं. लेकिन इन किस्सों में से जिसकी सबसे अधिक चर्चा होती है, वो है कृष्णानंद राय हत्याकांड. इस हत्याकांड में अपराधियों ने करीब 500 राउंड फायरिंग…और पढ़ेंभाजपा के तत्कालीन विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड.हाइलाइट्सकृष्णानंद राय हत्याकांड मामले में मुख्तार को नहीं मिली कभी जमानत.कृष्णानंद राय हत्याकांड में 500 राउंड हुई थी फायरिंग.कृष्णानंद राय को लगी 67 गोली.लखनऊः अब भले ही समूचे यूपी में कानून का बोलबाला है, लेकिन एक वक्त था, जब केवल माफियाओं की तूती बोलती थी. आलम यह था कि कोई भी पुलिस अधिकारी किसी भी जगह पर लंबे समय तक टिक नहीं पाता था और जब बात पूर्वांचल की हो तो माफियाओं की फेहरिस्त लंबी है, जिसमें सबसे अधिक चर्चा रही मुख्तार अंसारी की, जो अब इस दुनिया में नहीं है. पूर्वांचल में अगर सबसे अधिक गैंगवार हुई तो वो केवल वर्चस्व के लिए. ऐसी ही एक वर्चस्व की लड़ाई यूपी के गाजीपुर जिले में हुई थी, जिसमें भारतीय जनता पार्टी के तत्कालीन विधायक कृष्णानंद राय की हत्या हो गई थी. कृष्णानंद राय की हत्या ने पूरे उत्तर प्रदेश को हिलाकर रख दिया था. क्योंकि इस हत्याकांड में 100-200 नहीं बल्कि 500 राउंड से अधिक फायरिंग हुई थी. इस हत्याकांड को चोटी कांड भी कहा जाता है.

पूर्व डीजीपी ने बताई दास्तांउत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी और राज्यसभा सांसद बृज लाल एक पॉडकास्ट में इस हत्या का जिक्र करते हैं. बृज लाल बताते हैं, ‘मुख्तार अंसारी के घर को फाटक बोलते हैं. फाटक में ये सब मुन्ना बजरंगी, अताउर रहमान, जीवा, मुन्ना बजरंगी, गोरा राय, अंगद राय और हनुमान पांडे, जितना गैंग था, सब इकट्ठा हो गया था. ये सबको मालूम था. मैं उस वक्त आईजी लॉ एंड ऑर्डर था तो मुझे भी जानकारी हो जाती थी. अब उसके बाद एक कप्तान साहब थे, बड़े खास थे मुख्तार अंसारी. आप देखेंगे मैं इस पुस्तक में लिखा है कि जो मुख्तार अंसारी के उसमें नहीं आया, खासकर जो डायरेक्ट अफसर थे, कई तो एक दिन ही रहे या कोई पांच महीने ज्यादा तक वहां नहीं रहा. तो वो जो थे, उनके खास थे. अब सबको मालूम है, सब मुख्तार के यहां हथियार लेकर पहुंच गए.’

कृष्णानंद राय पर चली थीं 500 गोलियांबृज लाल बताते हैं, ‘मुख्तार तो बैठे हैं जेल में और ये हुआ कि भाई कैसे रेड हो तो डीआईजी साहब को बताया गया. डीआईजी साहब भी हाथ खड़ा कर दिए. फिर डीजी साहब को बताया गया. एक आईजी रैंक का अफसर को कहा गया कि जा कर के ऊपर बता दीजिए. उन्होंने उन्हीं के परिवार के बड़े नेता, उनको बता दिया. वो अफसर कहता है कि उन्होंने एक कान से सुना और दूसरे कान से निकाल दिया. दिन था 28 नवंबर का साल 2005, कृष्णानंद राय जाते हैं, क्रिकेट मैच का उद्घाटन करने. आते हैं तो रास्ते में 500 गोलियां चलती हैं, एके-47 और अन्य बंदूकों से.’

कृष्णानंद राय को 67 गोली लगीबृज लाल बताते हैं, ‘कृष्णानंद राय को मात्र 67 गोली लगी. 6-7 लोग मारे गए और साहब वो घटना होती है. मुख्तार अंसारी इतना खुश हुआ. उसने फैजाबाद जेल में बंद अपने जो भी विधायक रहा है, उसको फोन करता है, वो सर्विलांस पर था. भोजपुरी में मुख्तार बोलता है कि अरे मुन्नवा ने मार दिया. ओकर चोटईया काट लिया. वो चुटिया रखते थे. तब मुन्ना बजरंगी ने उनकी चोटी काट ली और वो चीज एसटीएफ के उसमें रिकॉर्ड हो गया और वही एक चीज थी, जिसमें मुख्तार अंसारी को कभी जमानत नहीं मिली. और दुखद ये रहा कि दिनदहाड़े गोली चलती है, उसमें कई गवाह सड़क पर मरा मिला. कोई सांसद प्रतिनिधियों के घर में मरे मिले और ये हाल रहा कि कृष्णानंद राय तक के भतीजों ने गवाही नहीं दी.’
First Published :February 24, 2025, 14:07 ISThomeuttar-pradeshपूर्वांचल का चोटी कांड, कृष्णानंद राय की हत्या की कहानी, 500 राउंड चली गोली

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