एक समय था जब भारत में प्रति महिला जन्म दर 5.92 थी, यानी एक महिला औसतन छह बच्चों को जन्म देती थी. लेकिन 2023 तक यह आंकड़ा गिरकर 2 तक आ चुका है, जो रिप्लेसमेंट लेवल से महज 0.1 अंक कम है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह मामूली गिरावट भी भविष्य में जनसंख्या में कमी ला सकती है.
इस गिरावट की एक बड़ी वजह बदलती लाइफस्टाइल और बढ़ती बांझपन की समस्या है. खासकर पुरुषों में फर्टिलिटी की समस्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे वे पिता बनने में असमर्थ हो रहे हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, अगर कोई पुरुष एक साल तक असुरक्षित संबंध बनाने के बावजूद महिला को गर्भधारण कराने में असमर्थ रहता है, तो उसे इंफर्टाइल माना जाता है.
पुरुषों में बढ़ रही बांझपन की समस्याभारत में पुरुष बांझपन एक गंभीर चिंता का विषय बन चुका है. विशेषज्ञों के अनुसार, देश में 40-50% इंफर्टिलिटी मामलों के लिए पुरुष जिम्मेदार हैं, जबकि दुनियाभर पर यह आंकड़ा केवल 15% है. आखिर भारत में यह समस्या इतनी तेजी से क्यों बढ़ रही है? विशेषज्ञों का कहना है कि इसका मुख्य कारण बदलती लाइफस्टाइल और पर्यावरणीय फैक्टर हैं.
ओएसिस फर्टिलिटी की मेडिकल डायरेक्टर डॉ. दुर्गा जी. राव ने बताया कि हम जिस तरह की जिंदगी जी रहे हैं, वह कई बाहरी और इंटरनल फैक्टर्स से प्रभावित हो रही है. प्रदूषण, मिलावटी भोजन, कीटनाशक और जहरीली हवा सेहत पर बुरा असर डाल रहे हैं. इसके अलावा, तनाव, खराब डाइट, नींद की कमी और धूम्रपान जैसी आदतें भी पुरुषों की फर्टिलिटी पर असर डाल रही हैं.
स्पर्म फ्रीजिंग का बढ़ता ट्रेंडइन चुनौतियों को देखते हुए स्पर्म फ्रीजिंग एक नया समाधान बनकर उभरा है. यह तकनीक पुरुषों को भविष्य में पिता बनने का अवसर देती है, खासकर उन मामलों में जहां स्पर्म काउंट कम होता है या किसी गंभीर बीमारी का इलाज किया जा रहा हो.
प्राइम आईवीएफ की हेड ऑफ फर्टिलिटी डॉ. निशी सिंह के अनुसार, कैंसर का इलाज कराने वाले पुरुषों, हाई-रिस्क प्रोफेशन में काम करने वालों और उन पुरुषों के लिए जो भविष्य में अपने पिता बनने के ऑप्शन खुले रखना चाहते हैं, स्पर्म फ्रीजिंग एक बेहद कारगर तकनीक बन गई है.
स्पर्म फ्रीजिंग क्या है?यह प्रक्रिया सामान्य रूप से पुरुष के स्पर्म सैंपल को इकट्ठा कर उसे भविष्य के लिए सुरक्षित रखने से जुड़ी होती है. अगर किसी पुरुष को मेडिकल ट्रीटमेंट से गुजरना पड़ रहा हो या उसका स्पर्म काउंट कम हो, तो यह प्रक्रिया उसे भविष्य में संतान सुख प्राप्त करने का मौका देती है.
Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. आप कहीं भी कुछ भी अपनी सेहत से जुड़ा पढ़ें तो उसे अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
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