आज की तेज रफ्तार जिंदगी में, जहां हर काम जल्दी और तुरंत पूरा करना महत्वपूर्ण हो गया है, हम अपने जीवन की सबसे बुनियादी चीजों के प्रति आभार व्यक्त करना भूलते जा रहे हैं. भोजन, जो हमें जीने की एनर्जी देता है, उसका भी महत्व कम होता जा रहा है. इस पहलू में, आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु ने एक साधारण लेकिन प्रभावशाली आदत का सुझाव दिया है, जिसे अपनाकर न केवल सेहत बेहतर बनाई जा सकती है बल्कि जीवन में संतुलन भी लाया जा सकता है.
सद्गुरु का मानना है कि भोजन सिर्फ शरीर का ईंधन नहीं है, बल्कि प्रकृति का एक उपहार है. एक वायरल वीडियो में उन्होंने बताया कि खाना खाने से पहले वह 10 सेकेंड का समय लेते हैं और उस भोजन के प्रति आभार व्यक्त करते हैं. यह छोटा-सा कदम उनके लिए सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि भोजन के महत्व को स्वीकारने और उसे सम्मान देने का तरीका है.
सद्गुरु कहते हैं कि भोजन हमें जीवित रखता है और हमें पोषण देता है. इसलिए, उसे व्यर्थ न जाने देना और उसकी कद्र करना बहुत जरूरी है. जब हम खाने से पहले इसके प्रति आभार प्रकट करते हैं, तो हमें एहसास होता है कि यह भोजन हम तक कितने प्रयासों से पहुंचा है.
भोजन की बर्बादी से बचने का संदेशसद्गुरु ने यह भी बताया कि जब वह खाना खाते हैं, तो अपनी प्लेट में केवल उतना ही भोजन लेते हैं, जितना वह खा सकते हैं. उनके अनुसार, भोजन को व्यर्थ करना प्रकृति और जीवन के प्रति असम्मान है. एक ऐसे समय में जब दुनिया की करोड़ों आबादी भूख से जूझ रही है, भोजन की बर्बादी न केवल अनैतिक है बल्कि पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाती है.
प्राकृतिक संसाधनों को बचाने की अपीलसद्गुरु ने भोजन के साथ-साथ उन संसाधनों के संरक्षण पर भी जोर दिया जो जीवन के लिए आवश्यक हैं, जैसे मिट्टी, पानी और हवा. उन्होंने कहा कि मैं यह सुनिश्चित करता हूं कि जब मैं इन संसाधनों का उपयोग करूं, तो कम से कम 1% बचत करने का प्रयास करूं. इस छोटे से बदलाव से बड़े पैमाने पर पॉजिटिव प्रभाव डाला जा सकता है.
छोटे कदम, बड़ा बदलावसद्गुरु का मानना है कि बड़े बदलाव हमेशा छोटे कदमों से शुरू होते हैं. उन्होंने कहा कि इन छोटी आदतों को अपनाने से न केवल पर्सनल जीवन में बल्कि सामूहिक रूप से भी दुनिया में बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है. यह 10-सेकेंड फॉर्मूला न केवल भोजन का सम्मान करने की सीख देता है, बल्कि इसे अपनाकर हम प्रकृति के प्रति अपना योगदान भी सुनिश्चित कर सकते हैं. यह आदत हमें यह याद दिलाती है कि भोजन, जल, वायु और मिट्टी जैसे संसाधनों का महत्व कितना गहरा है.
Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. आप कहीं भी कुछ भी अपनी सेहत से जुड़ा पढ़ें तो उसे अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
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