03 डॉक्टर पल्लव ने बताया कि, बच्चों का जीवन काल कफ प्रधान होता है, जिसमें वे सांस संबंधी रोगों जैसे खांसी, अस्थमा और निमोनिया से ग्रस्त हो सकते हैं. ऐसे में शहद का उपयोग उनके लिए बहुत फायदेमंद होता है, खासकर जब इसे आयुर्वेदिक दवाओं के साथ मिलाकर दिया जाता है. ये दवाएं सांस की समस्याओं को ठीक करने में मदद करती हैं.
ईरान ने हर्मुज की खाड़ी के माध्यम से ‘शत्रु’ हथियारों की ट्रांजिट के खिलाफ चेतावनी दी
तेहरान [ईरान]: ईरान ने कहा है कि वह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हॉर्मुज़ स्ट्रेट से “शत्रु” सैन्य उपकरणों…

