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विराट के बल्ले से बचाया गाबा टेस्ट… अचानक हीरो बन गया बिहार का लाल, कोहली से हुई बातचीत का किया खुलासा



जब विराट कोहली ने तेज गेंदबाज आकाशदीप से पूछा कि क्या उसे उनका बल्ला चाहिए तो इस शर्मीले खिलाड़ी के मुंह से इतना ही निकला,‘किसे नहीं चाहिए होगा भैया.’ उसी बल्ले से आकाशदीप ने ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान ब्रिसबेन टेस्ट में 31 रन की पारी खेलकर फॉलोऑन बचाया था. भारतीय टीम हालांकि सीरीज 1-3 से हार गई. आकाशदीप ने दो टेस्ट खेलकर 87.5 ओवर डाले और पांच विकेट भी मिले.
विराट के बल्ले से बचाया मैच
आकाशदीप ने कहा,‘हां वह विराट भैया का बल्ला था जिस पर एमआरएफ का लोगो है. सभी को पता है. भैया (कोहली) ने खुद मुझसे पूछा कि तुमको बैट चाहिए. मैने बोला कि हां भैया, आपका बल्ला कौन नहीं लेना चाहेगा दुनिया में. उसके बाद उन्होंने मुझे बल्ला दिया.’ आकाशदीप ने स्वीकार किया कि कोहली जैसे कद के सीनियर खिलाड़ी के सामने खड़ा होकर बल्ला मांगने की हिम्मत उनमें नहीं थी.
कोहली से हुई बातचीत का किया खुलासा
आकाशदीप ने कहा,‘मैं कुछ समय से भैया के साथ खेल रहा हूं. (दोनों रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु टीम में हैं). आपके दिमाग में हमेशा यह बात चलती है कि क्या विराट भैया जैसे बड़े खिलाड़ी का बल्ला मांगना सही होगा. मैच के दौरान जब वह अपने खेल पर पूरा फोकस रखते हैं, आप उन्हें परेशान नहीं करना चाहते लेकिन भैया ने मुझे खुद बल्ला दिया.’
अचानक हीरो बन गया बिहार का लाल
ब्रिसबेन में ड्रॉ रहे टेस्ट में जसप्रीत बुमराह के साथ आखिरी विकेट के लिए 47 रन की साझेदारी के बारे में पूछने पर सासाराम में जन्मे इस खिलाड़ी ने कहा,‘मैं उस दिन सोचकर उतरा था कि शरीर पर कितने ही हमले क्यो न हों, मैं आउट नहीं होने वाला. मुझे रन बनाने थे और लंबे समय तक टिककर खेलना था. फॉलोऑन बचाने की बात ध्यान में नहीं थी.’ उन्हें भले ही पांच ही विकेट मिले हों, लेकिन उन्होंने लगातार गेंदबाजी की. वह बदकिस्मत रहे कि उनकी कुछ बेहतरीन गेंदों पर कैच छूटे.
रोहित भैया ने काफी भरोसा किया
आकाश दीप ने कहा,‘रोहित भैया को मुझ पर काफी भरोसा था कि मैं कभी भी विकेट ले सकता हूं. वो बोलते हैं कि मुझको लगता है कि तुम हर गेंद पर विकेट ले सकते हो. मुझे यही कहा गया कि अगर विकेट नहीं भी मिलते हैं तो रन गति को रोकना है.’ दुनिया के सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाज बुमराह को गेंदबाजी करते देखने से उन्होंने काफी कुछ सीखा.
बुमराह ने आसान की मुश्किलें
आकाशदीप ने कहा,‘उन्हें (बुमराह) देखकर काफी कुछ सीखा जा सकता है. वह मुझे बताते रहते थे जिससे मेरे लिए गेंदबाजी करना आसान हो गया.’ आकाशदीप ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया की पिचों पर गेंदबाजी करने से उन्होंने काफी कुछ सीखा. आकाशदीप ने कहा,‘ऑस्ट्रेलिया से पहले मैंने सिर्फ भारत में खेला था और यहां तेज गेंदबाजों पर उतना दबाव नहीं होता, क्योंकि हमारे पास बेहतरीन स्पिनर हैं, लेकिन विदेश में लंबे स्पेल फेंककर आप अपनी गेंदबाजी के बारे में काफी कुछ सीखते हैं. पिच और हालात के अनुकूल गेंदबाजी करनी होती है. मुझे लगता है कि वहां गेंदबाजी करके मैं बेहतर गेंदबाज बना हूं.’



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