बॉडी में बनने वाला यूरिक एसिड एक केमिकल होता है जो प्यूरिन नामक पदार्थ के टूटने से बनता है. यह सेहत के लिए जरूरी होने के साथ नुकसानदायक भी होता है. यह चीज इस बात पर निर्भर करती है कि आपके बॉडी में इसकी मात्रा कितनी है.
ऐसे में यूरिक एसिड की मात्रा अगर अधिक है तो इससे गुर्दे की पथरी और गुर्दे की क्रोनिक बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है. कुछ अध्ययनों में, यह हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट फेलियर हृदय, मेटाबॉलिज्म सिंड्रोम से जुड़ा हुआ है. यह कुछ ऐसे कारक हैं जो किसी व्यक्ति के लिए डायबिटीज, स्ट्रोक की संभावना को बढ़ा देता है, जो कि एक जानलेवा मेडिकल कंडीशन है. ऐसे में इन जोखिमों से बचने के लिए यह जरूरी है कि हाई यूरिक एसिड के शुरुआती लक्षणों को अच्छी तरह से समझ लिया जाए.
कितना होना चाहिए यूरिक एसिड का लेवल
अर्थराइटिस फाउंडेशन के अनुसार, यूरिक एसिड को आमतौर पर उच्च माना जाता है जब इसकी मात्रा पुरुषों में 7 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर (मिलीग्राम/डीएल) से अधिक और महिलाओं में 6 मिलीग्राम/डीएल से अधिक हो जाती है.
पैरों में नजर आने वाले लक्षण
पैर के अंगूठे में चुभन वाला दर्दअंगूठे में सूजन टखनों से लेकर एड़ी तक दर्दपैर के तलवे में सुबह के समय तेज दर्द घुटने में दर्द
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यूरिक एसिड के इन लक्षणों को पर भी रखें नजर
बॉडी में यूरिक एसिड का लेवल बढ़ने पर जोड़ों में दर्द अकड़न, इसके आसपास की त्वचा का लाल पड़ना, पेशाब में खून आना, बार-बार पेशाब लगना, लोअर बैक में दर्द जो जेनिटल एरिया तक पहुंचता है, और थकान जैसे लक्षणों का अनुभव होता है.
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