सर्दियों का मौसम जोड़ों में दर्द को बदतर बना देता है. ऐसे में उन लोगों ज्यादा सतर्क रहने की जरूर होती है, जिनका यूरिक एसिड बढ़ा हुआ है या फिर जिन्हें गठिया की शिकायत है. इसमें खान पान बहुत अहम भूमिका निभाते हैं. ठंड के मौसम में ऐसी चीजों को डाइट में प्राथमिकता दी जाती है, जो गर्म होते हैं. सफेद तिल भी इसमें शामिल हैं.
वैसे तो सफेद तिल से सेहत से जुड़े कई फायदे मिलते हैं. लेकिन इसे हाई यूरिक एसिड की शिकायत होने पर नहीं खाना चाहिए. क्योंकि इसमें कुछ टॉक्सिन मौजूद होते हैं, जो शरीर में पहुंच कर यूरिक एसिड को बढ़ाते हैं.
यूरिक एसिड बढ़ने के साइड इफेक्ट्स
हड्डियों में दर्दअंगूठे और एड़ी में दर्दयूरिन के रंग में बदलावजोड़ों में अकड़नउठने-बैठने में परेशानीचलने में दिक्कत
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यूरिक एसिड बढ़ने के कारण
विशेषज्ञों का कहना है कि यूरिक एसिड का स्तर अनियमित दिनचर्या, खानपान की गलतियां और व्यायाम की कमी के कारण बढ़ सकता है. इन आदतों को सुधार के और कुछ सावधानियां बरतकर आप यूरिक एसिड की समस्या को कंट्रोल कर सकते हैं.
आंवले का सेवन फायदेमंद
आयुर्वेद के अनुसार, ठंड के दिनों में आंवला का सेवन यूरिक एसिड के स्तर को कंट्रोल करने में मदद करता है. आंवला में मौजूद विटामिन सी शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा को कम करने में सहायक होता है और यह जोड़ों के दर्द में भी राहत पहुंचाता है.
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ये घरेलू उपाय भी फायदेमंद
अंवाला के अलावा त्रिफला, नीम की पत्तियां और अश्वगंधा भी यूरिक एसिड को कम करने में सहायक हो सकते हैं. साथ ही यह सर्दियों के मौसम में जोड़ों के दर्द को कम करने में भी कारगर साबित हो सकता है.
एजेंसी
Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों की मदद ली है. आप कहीं भी कुछ भी अपनी सेहत से जुड़ा पढ़ें तो उसे अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
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