पीलीभीत : उत्तर प्रदेश के पीलीभीत टाइगर रिजर्व में इन दिनों पर्यटन सत्र चल रहा है. ऐसे में लगातार बाघों और अन्य जानवरों के मनमोहक वीडियो सामने आ रहे हैं. लेकिन हाल ही में पीलीभीत टाइगर रिजर्व का एक वीडियो सामने आया है जिसने वन्यजीव प्रेमियों समेत वन अधिकारियों को चिंता में डाल दिया है. दरअसल बीते कुछ सालों में पीलीभीत टाइगर रिज़र्व में बाघों की संख्या में तेज़ी से इजाफा हुआ है. 2014 में महज 25 बाघों से शुरू हुआ यह आंकड़ा आज 71 से भी पहुंच गया है.बाघों की संख्या को बढ़ाना और संरक्षण करने की कड़ी में कई चुनौतियां भी पेश आती हैं. जिसमें जंगली जानवरों के बीच आपसी संघर्ष, इंसान-जंगली जानवर संघर्ष व वन्यजीव से जुड़े अपराध सबसे प्रमुख हैं. हाल ही में पीलीभीत टाइगर रिजर्व का एक वीडियो सामने आया है. जिसमें एक बाघ एक नहर के किनारे लंगड़ा कर चलता नजर आ रहा है. जानकार इसे जंगली जानवरों का आपसी संघर्ष का मामला बता रहे हैं. यह वीडियो PTR की महोफ व बाराही रेंज की सीमा का बताया जा रहा है. हालांकि इसको लेकर किसी भी तरह की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है. लेकिन वीडियो का संज्ञान लेते हुए अधिकारी बाघ की लोकेशन ट्रेस करने की बात कह रहे हैं.2023 की घटना से अधिकारियों ने लिया सबकयह पहला मौका नहीं है कि PTR से बाघ की बिगड़ी सेहत का वीडियो सामने आया हो, इससे पहले बीते वर्ष 2023 के दिसंबर महीने में एक लंगड़ाते बाघ का वीडियो सामने आया था. तत्कालीन अधिकारियों की ओर से मामले में लापरवाही बरती गई और बाघ को उसके दयनीय हाल पर छोड़ दिया गया था. अप्रैल 2024 में एक बार फिर इस बाघ का वीडियो सामने आया और वन्यजीव प्रेमियों के दखल के बाद बाघ को रेस्क्यू कर इलाज के लिए चिड़ियाघर भेज दिया गया.बाघ को किया जा रहा ट्रेसपूरे मामले पर अधिक जानकारी देते हुए पीलीभीत टाइगर रिजर्व में डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि वीडियो का संज्ञान लेते हुए संबंधित स्टाफ को कैमरा ट्रैप लगा कर निगरानी के निर्देश दिए गए हैं. बाघ को चिन्हित करने के बाद ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.FIRST PUBLISHED : December 4, 2024, 16:09 IST
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