ये डलिया फर्रुखाबाद की पहचान बन चुकी है.यहां के कारीगर सैकड़ो बरसों से इसे बनाते आ रहे हैं.कमालगंज क्षेत्र के कई ऐसे गांव है जहां पर ग्रामीण इस लकड़ी से कारीगरी करके अपना गुजारा करते हैं.
माइंडस्पार्क प्रोग्राम पूरे राज्य में 50,000 छात्रों तक पहुंचेगा
हैदराबाद: जनजाति कल्याण विभाग (टीडब्ल्यूडी) एक व्यक्तिगत डिजिटल सीखने के पहल, माइंडस्पार्क को सभी 322 आश्रम स्कूलों तक…
