Uttar Pradesh

Agri News: इस मसाले की खेती से किसान चमका रहे अपनी किस्मत, कम लागत और देखरेख में हो रही बंपर कमाई

बाराबंकी: हमारे देश में कई मसालों की खेती की जाती है. ऐसा ही एक मसाला है हल्दी, जिसे किसानी भाषा में कमाई वाली फसल कहा जाता है. ऐसा इसलिए कि बहुत से कामों में इस्तेमाल होने के कारण इसकी मांग हमेशा बनी रहती है. इसे उगाने वाले किसान अच्छा पैसा बना सकते हैं. हल्दी का इस्तेमाल मसाले, औषधि, ब्यूटी प्रोडक्ट्स व अन्य कई उत्पादों में होता है. इसके साथ ही हल्दी की खेती के दौरान अधिक पानी या फिर सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती है. यही वजह है कि किसान हल्दी की खेती कर कम लागत में अच्छी आमदनी कर रहे हैं.

हो रही है बढ़िया कमाईजिले के इस किसान ने हल्दी की खेती कर लागत के हिसाब से अच्छा मुनाफा कमाया है. वे कई सालों से हल्दी की खेती कर लाखों रुपए मुनाफा कमा रहे हैं. जनपद बाराबंकी के बडेल गांव के रहने वाले युवा किसान बृजेंद्र मोहन डेढ़ बीघे जमीन पर हल्दी की खेती कर एक फसल पर एक से डेढ़ लाख रुपए की कमाई कर रहे हैं.

फायदे ही फायदेहल्दी की खेती करने वाले युवा किसान बृजेंद्र मोहन ने लोकल 18 से बातचीत में बताया, ‘वैसे तो मैं ज्यादातर  सब्जियों की खेती करता हूं. इसमें भिंडी, टमाटर, शिमला मिर्च हल्दी आदि शामिल हैं. इस समय हमारे पास करीब डेढ़ बीघे में हल्दी की खेती हो रही है. इसमे लागत एक बीघे में 20 से 22 हजार रुपए आती है और मुनाफा करीब 1 से डेढ़ लाख रुपये तक हो जाता है’.

हल्दी की खेती मे लागत बेहद कम है और मुनाफा ज्यादा है. क्योंकि हल्दी एक ऐसी फसल है जिसकी बाजार में मांग काफी ज्यादा है और यह अच्छे रेट में जाती है और इसकी खेती में ज्यादा देखरेख की जरूरत भी नहीं पड़ती. इतना ही नहीं इसको जानवर भी नहीं खाते और रोग लगने का खतरा भी कम रहता है.

कैसे करें बुवाईइसकी खेती करना काफी आसान है. पहले खेत की गहरी जोताई की जाती है, उसके बाद खेत में मेड बनाकर हल्दी की लाइन टू लाइन बुवाई की जाती है. करीब 8 से 10 दिनों बाद पौधा निकल आता है. तब इसमें जैविक खाद का छिड़काव कर पानी की सिंचाई करनी होती है. फिर इसकी फसल 5 से 6 महीने मे तैयार हो जाती है जिसकी हम खुदाई कर सकते हैं.
Tags: Agriculture, Barabanki News, Local18, News18 uttar pradeshFIRST PUBLISHED : November 22, 2024, 07:57 IST

Source link

You Missed

Dr P.R. Sushama Gets Best Biodiversity Conserver Award
Top StoriesMay 23, 2026

डॉ. पी.आर. सुशामा को सर्वोत्तम जैव विविधता संरक्षक पुरस्कार मिला

हैदराबाद: वीरनारी चकलि इलम्मा महिलाओं की विश्वविद्यालय में पौध विज्ञान और पर्यावरण विज्ञान विभाग की वरिष्ठ सहायक प्रोफेसर…

Scroll to Top